रेलवे की आईआरसीटीसी वेबसाइट पर फर्जी पर्सनल यूजर आईडी बनकार अवैध रूप से रेलवे ई-टिकट बनाकर अधिक मूल्य पर बेचते एक युवक को पकड़ा गया। चेकिंग टीम ने उसके कब्जे से 39,327 रुपये मूल्य के 133 अवैध ई-टिकट बरामद किए है। आरपीएफ ने रेलवे अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
मंडल सुरक्षा आयुक्त अमिताभ के निर्देश पर रेलवे आरक्षित ई- टिकटों की कालाबाजारी के विरुद्ध आरपीएफ प्रभारी इंचार्ज उपनिरीक्षक शिवराम मीणा ने एएसआई अरविंद मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है। टीम ने थाना साबिक के एक साइबर कैफे में छापा मारकर उसके संचालक को फर्जी पर्सनल यूजर आईडी पर अवैध तरीके से तैयार किए गए रेलवे आरक्षित ई-टिकट बनाकर बेचते रंगे हाथ धर दबोचा।
टीम ने उसके पास आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अलग-अलग आईडी से बनाए गए टिकट बरामद किए। ये टिकट काशीपुर और मुरादाबाद जंक्शन से लखनऊ, रांची, रेवाड़ी, हरिद्वार दिल्ली, गाजियाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, आनंद विहार, शाहगंज, बांदीकुई, चंडीगढ़, चेन्नई, रुड़की, अलवर, अमरोहा, अगरा फोर्ट, लुधियाना, अजमेर, कटिहार, हरिद्वार व अन्य स्थानों के लिए बनाए गए थे।
वहां से बरामद करीब 39 हजार 327 रूपए के 133 ई-टिकट तत्काल और सामान्य श्रेणी के होना पाए गए। टीम ने अवैध ई-टिकटिंग के प्रयोग में लाए जा रहे लैपटॉप, प्रिंटर, वाई-फाई सिस्टम समेत 2700 रूपए जब्त किए है। इस कैफे पर टिकटों के अवैध कारोबार करने के लिए आठ से अधिक फर्जी आईडी बनाने का खुलासा हुआ है।
टिकटों की डिटेल की पुष्टि के लिए आईआरसीटीसी मुख्यालय दिल्ली से की जाएगी। पूछताछ में कैफे संचालक अफाक अंसारी (29) ने बताया कि वह पिछले ढाई साल से रेल टिकटों का अवैध कारोबार कर रहा है। टिकट के लिए वह ग्राहकों से 150 से 300 रुपये तक अधिक वसूलता था। आरपीएफ थाने रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार को पेशी के लिए रेलवे कोर्ट हल्द्वानी में भेजा जाएगा। टीम में एसआई शिवराम मीणा, एएसआई अरविंद मणि त्रिपाठी, मुकेश कुमार शामिल रहे।
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साईबर कैफे स्वामी से 39327 रूपए कीमत के 133 अवैध ई-टिकट बरामद किए है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर पेशी के लिए कोर्ट भेजा जा रहा है। कैफे की आड़ में रेलवे टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले कई और दुकानदार आरपीएफ के रडार पर हैं। - शिवराम मीणा, एसआई आरपीएफ काशीपुर।