तुमड़िया जलाशय लगभग पूरी तरह सूख गया है। डैम में पानी न होने से यूपी तक की सिंचाई नहरें भी सूख गई हैं। जलाशय से मुख्य नगर, तुमड़िया बहला फीडर नहर, तुमड़िया प्रसार नहर निकलती है। मुख्य नहर लगभग 88 किमी लंबी है। इससे उत्तराखंड और यूपी के जिला मुरादाबाद, तुमड़िया प्रसार नहर से उत्तराखंड और यूपी के बिजनौर, तुमड़िया बहला फीडर नहर से उत्तराखंड और जिला रामपुर में सिंचाई होती है।
इन नहरों से यूपी और उत्तराखंड में लगभग 35 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होती है। अकेले जिला मुरादाबाद में लगभग 4562 हेक्टेयर भूमि सींची जाती है। इन तीन नहरों से दर्जनों उप नहरें निकली है। तुमड़िया डैम के सूखने से सभी नहरें सूख गई हैं। इनमें पानी की जगह काई भर गई है।
नहरों में पानी न होने से गन्ना फसल, चारे की फसल तथा बेमौसमी धान की पौध सूखने लगी है। बड़े किसानों ने तो सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगाए हैं लेकिन छोटे किसान तो सिंचाई के लिए नहरों के पानी पर निर्भर हैं। जब तक बारिश नहीं होती है तब तक जलाशय में पानी नही भरेगा और किसानों का संकट दूर नहीं होगा।