गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसका शव छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला। सुसाइड नोट में उसने अपनी जिंदगी से परेशान होने की बात लिखी है। बताया जा रहा है कि छात्रा इन्फेमेनिया (नींद न आने की समस्या) से पीड़ित थी।
मूलत: उत्तरकाशी के गांव पौंटी (बरकत) निवासी एवं हाल निवासी सुभाष नगर निकट सत्संग भवन बरकत, उत्तरकाशी की छात्रा ज्योति लोही (19) ने गत वर्ष पंत विवि में बीएससी (कृषि) पाठ्यक्त्रस्म में प्रवेश लिया था। वह सुभाष छात्रावास के कक्ष संख्या 44 में अपनी सहपाठी दीप्ति जोशी के साथ रह रही थी।
सुबह आठ बजे दीप्ति क्लास के लिए चली गई। ज्योति रूम पर ही थी। बराबर के कमरे में रहने वाली उसकी सहपाठी पल्लवी ने सुबह नौ बजे कॉलेज जाते समय ज्योति से चलने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। दीप्ति, पल्लवी आदि छात्राएं क्लास के बाद छात्रावास पहुंचीं। उन्होंने लंच लिया।
डाइनिंग हॉल में जब ज्योति नहीं दिखाई पड़ी तो छात्राएं उसके रूम पर पहुंचीं। छात्राओं ने दरवाजे को धक्का देकर खोला तो अंदर का दृश्य देखकर हतप्रभ रह गईं। ज्योति का शव नायलोन की रस्सी से छत के पंखे से लटका हुआ था। उन्होंने शोर मचाकर तुरंत गार्ड को बुलाया। गार्ड राजकुमार शर्मा ने रस्सी काटकर छात्राओं की मदद से शव को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे की तलाशी ली। पुलिस को मोबाइल फोन के पास सुसाइड नोट रखा मिला। सूचना मिलते की कुलपति डॉ.एके मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि डॉ.जे कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.एसपी सिंह, सह अधिष्ठाता डॉ.ज्योति प्रसाद, सुरक्षाधिकारी डॉ.अरविंद सिंह तोमर छात्रावास पहुंच गए। उन्होंने छात्रावास अभिरक्षक डॉ.डीके शुक्ला, सहायक छात्रावास अभिरक्षिका लता बजेठा से घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष संजय पाठक ने बताया कि सुसाइड नोट और मोबाइल कब्जे में ले लिया गया। शव का पंचनामा भरकर कमरा सील कर दिया गया है। बुधवार को रुद्रपुर में शव का पोस्टमार्टम होगा। मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर जांच की जाएगी।
आप सब अपना ख्याल रखें
ज्योति ने खुदकुशी से पहले अंग्रेजी में सुसाइड नोट लिखा। नोट में उसने लिखा है कि अपनी जिंदगी से परेशान होकर मैं यह कदम उठा रही हूं। आप सब अपना ख्याल रखें। मेरा फोन लॉक 58345 है। लव यू मम्मी एंड पापा।
इंजीनियरिंग का छात्र है मृतका का भाई
मृतका ज्योति लोही का बड़ा भाई मनोहर लोही पंतनगर विवि में बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) अंतिम वर्ष का छात्र है। वह सिल्वर जुबली हॉस्टल में रहता है। उसने बताया कि ज्योति के इन्फेमेनिया का इलाज देहरादून से चल रहा था। रात ही उसकी ज्योति से बात हुई थी। ज्योति ने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की। आत्महत्या करने पर वह हैरान है। उनकी बड़ी बहन कंचन ने भी पंतनगर विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की है। पिता गंगवीर लाल उत्तरकाशी स्थित जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। मां शांति देवी गृहणी हैं।
मेधावी और मिलनसार थी ज्योति
सुभाष छात्रावास की असिस्टेंट वार्डन लता बजेठा ने बताया कि ज्योति पढ़ाई में अच्छी थी। वह उसका हालचाल लेती रहती थीं। उनकी रात में ही ज्योति से बातचीत भी हुई थी। ज्योति ने उनसे कोई शिकायत नहीं की। सलाहकार डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने बताया कि ज्योति मेधावी और मिलनसार थी। बीमारी के कारण उसकी कुछ परीक्षाएं (आवरली) छूट गई थीं। जो पुन: दिलाने के लिए अनुमति दिला दी गई थी।