उघैती (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव गुरीठा में एक विवाहिता की हत्या करके शव को रात में ही जलाकर नष्ट करने की कोशिश की गई। सूचना पर आए महिला के मायके वालों ने पुलिस की मदद से तालाब से बोरा निकलवाया जिसमें शव के कुछ अवशेष बरामद हुए। घटना के बाद परिवार के अधिकतर लोग फरार हो गए। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव निवासी मुकेश की पत्नी ओमवती की सोमवार रात धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। सुबह जानकारी पर चंदौसी की इंद्रानगर कॉलोनी से ओमवती के पिता पूरनलाल और मां शीला देवी मौके पर पहुंचे और पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने देखा कि ओमवती के कमरे में दीवारों पर खून के छींटे हैं तो फर्श पर ताजा लिपाई की गई है। इसके बाद मुकेश के पिता को लेकर पुलिस और मायके वाले घर से डेढ़ सौ मीटर दूर उसके खेत में गए। यहां शव को जलाया गया था। शव के अवशेष से लेकर जली हुई लकड़ियां यहां से बरामद हुईं। राख के सहारे पुलिस खेत के बराबर बने तालाब पर पहुंची। वहां एक बोरा पानी पर उतरा रहा था। इसे निकाला गया तो इसमें भी कुछ राख और शव के अवशेष मिले। पुलिस ने इन्हें सील कर दिया।
ओमवती की मां ने थाने में तहरीर दी कि उन्होंने बारह साल पहले बेटी की शादी मुकेश से की थी। उनकी बड़ी बेटी पड़ोस के गांव गोबरा में मुनेंद्र को ब्याही है। मंगलवार तड़के मुनेंद्र ने उन्हें फोन पर ओमवती की हत्या की सूचना दी। वह आए तो मुकेश के अलावा उसके भाई रामवीर, रामबहादुर और बुद्धि भी गायब मिले। इन्हीं लोगों ने उनकी बेटी की हत्या की है। एसओ चरन सिंह चौहान ने बताया कि तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट कर ली गई है। अभी घटना की कोई ठोस वजह पता नहीं चल सकी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है, इसके बाद ही सच्चाई का पता चल पाएगा।
बहू की हत्या कर मुझे बताने आया था मुकेश
मुकेश के वृद्ध पिता गंगासहाय ही घटनास्थल पर मौजूद परिवार के एकमात्र पुरुष थे। गंगासहाय को ओमवती की हत्या का काफी मलाल था। बताया कि वह तो अलग घर में सो रहे थे। रात के अंतिम पहर मुकेश ने आकर उन्हें बताया कि उसने ओमवती को मार दिया है। इतना कहकर वह चला गया। तब वह गोबरा में ओमवती की बहन के घर सूचना देने चले गए। बहू को क्यों मारा, क्यों जल्दबाजी में शव जलाया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
तीन मासूमों को पता नहीं, मां मर गई
ओमवती के तीन मासूम बेटे हैं। इनमें ओमेंद्र (7), अखिलेश (5) और अंशुल (4) का है। घटना के बाद अपने घर पर लगी भीड़ को देखकर तीनों बच्चे असहज थे। उन्हें नहीं पता था कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही।