संदिग्ध हालात में पैर पर गोली लगने से लहूलुहान युवक जिला अस्पताल पहुंच गया। ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने मरीज के पैर से गोली निकालकर उसकी मरहमपट्टी करा दी। जब मरीज का नाम रजिस्टर में अंकित करने को बुलाया गया तो वह गायब हो गया। इससे अस्पताल परिसर में खलबली मच गई। फिलहाल उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
शनिवार रात साढ़े दस बजे 28 वर्षीय युवक लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल पहुंचा। उसने ड्यूटी पर तैनात डाक्टर को बताया कि उसके बाएं पैर में गोली लग गई है। इससे बाद आनन-फानन में डाक्टर ने स्टाफ की मदद से इमरजेंसी कक्ष में मरीज के पैर में फंसी गोली निकाल दी। इसके बाद डाक्टर इमरजेंसी कक्ष में रजिस्टर में मरीज का नाम दर्ज करने चले गए। जब उन्होंने मरीज को नाम लिखाने के लिए पुकारा तो वह वहां से गायब था। आसपास खोज करने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। डा. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया मरीज के पैर में लगी 32 गोली को निकाला गया था। लेकिन उसके बाद वह अचानक वहां से गायब हो गया। गोली को सुरक्षित रखा गया है। हमारा कर्तव्य होता है कि रजिस्टर में एंट्री से पहले मरीज को प्राथमिक उपचार कर राहत दें। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। इधर, अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. अमिता लोहनी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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चंदन