रुद्रपुर। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर एक व्यक्ति से 90 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों से ठगी में प्रयुक्त पांच मोबाइल फोन, नौ सिम कार्ड, चार चेक बुक, दो डेबिट कार्ड, एक पासबुक, दो आधार कार्ड, एक पैनकार्ड बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बृहस्पतिवार को एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि बीते सितंबर में नैनीताल के रहने वाले एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि उन्होंने अगस्त 2024 में फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें क्लिक करते ही एक अज्ञात व्हाटसएप ग्रुप जे 07 फ्यूचर कैपिटल इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट एम स्टाक से उनको जोड़ दिया गया था। इस ग्रुप में उन्होंने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के लिए अभियुक्तों की ओर से व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए विभिन्न बैंक खातों में करीब 90 लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से जमा कराई गई थी।
इस केस की विवेचना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर के निरीक्षक शरद चौधरी को सौंपी गई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर, व्हाट्सएप की जानकारी की। इसके बाद केस में शामिल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के मास्टरमांइड व मुख्य आरोपी संतोष कुमार मीणा निवासी ग्राम कटकड खेड़ा, थाना सदर, हिंडोन सिटी, जिला करौली, राजस्थान और नीरज कुमार मीणा निवासी ग्राम घाटियान का पुरा, कटकड़ थाना सदर, हिंडोन सिटी, जिला करौली, राजस्थान को चिह्नित किया। दोनों वर्तमान में जयपुर के थाना प्रताप नगर स्थित सेक्टर 17 में स्थित एक मकान में रह रहे थे। बीते बुधवार को टीम ने आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने साइबर अपराध के लिए जिन बैंक खातों का प्रयोग किया गया है, उसमें मात्र चार से पांच माह में ही लाखों रुपयों का लेनदेन हुआ है।
ठगी में प्रयुक्त खातों के खिलाफ छह शिकायतें दर्ज
रुद्रपुर। ठगों ने कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया था। नैनीताल के पीड़ित से ठगे 90 लाख रुपये को ठिकाने लगाने में जिन खातों का इस्तेमाल किया गया था, उन खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में छह शिकायतें दर्ज हैं। इनमें तीन महाराष्ट्र, एक गुजरात, एक ओडिशा, एक शिकायत पश्चिम बंगाल में दर्ज है। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर शरद चौधरी, अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल मौ. उस्मान शामिल थे। ब्यूरो
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विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ जाते थे पीड़ित
रुद्रपुर। साइबर पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों की ओर से फेसबुक पर विज्ञापन प्रकाशित किया जाता था। इसमें क्लिक करने पर पीड़ित खुद ही ऑनलाइन ट्रेडिंग संबंधी व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ जाते थे। अभियुक्त व्हाट्सएप ग्रुपों में अलग-अलग शेयर में निवेश करने के नाम पर लाभ प्राप्त होने के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर खुद को अधिक लाभ होने की बातें करते थे। इससे ग्रुप में जुड़े अन्य पीड़ित झांसे में आकर धनराशि निवेश के नाम पर जमा कर दिए थे। निवेश की गई धनराशि में मुनाफा दिखाने के लिए एक फर्जी एप का प्रयोग किया जाता था। अपराधियों की ओर से धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था। साइबर पुलिस देश भर में विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में जानकारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क कर रही है। ब्यूरो