काशीपुर। रुद्रपुर में सूदखोर की प्रताड़ना और मारपीट का वीडियो वायरल होने के प्रयास मामले से एक बार फिर सूदखोरों के जाल तस्वीर सामने आई है। तराई में सूदखोरों का जाल बिछा हुआ है। जिसने भी एक बार कर्ज लिया फिर वह उस दलदल से निकल नहीं पाया।
मूलधन से कई गुना ज्यादा कर्ज देने के बाद भी वह कर्जमुक्त नहीं हुए। एक व्यक्ति ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि बीस हजार कर्ज का 70 हजार ब्याज चुकाने के बाद उस पर डेढ़ लाख रुपये बाकी था। चक्रवृद्धि ब्याज वसूलने के धंधे में लगे लोग हेकड़ी से अमानवीय तरीके अपना रहे हैं। सूदखोरों के डर से तीन साल में काशीपुर के दो, रुद्रपुर और हल्द्वानी में एक-एक युवक के खुदकुशी के मामले सामने आ चुके हैं।
ब्याज पर रकम देने के लिए यूं तो साहूकारी व्यवस्था है। कुछ शर्तों के साथ साहूकारों का पंजीकरण जिला प्रशासन करता है। जिले में चंद साहूकारों ने ही पंजीकरण कराया है। बीच में यह व्यवस्था बंद हो जाने के कारण अधिकतर का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इससे इतर, हजारों की संख्या में लोग दबंगई के बल पर ऋण वितरण का गोरखधंधा कर रहे हैं। जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाकर सूदखोर उनसे चक्रवृृद्धि ब्याज वसूल रहे हैं।
बगैर किसी कागजी कार्रवाई के लोगों को ऋण आसानी से मिल जाता है। बदले में सूदखोर जेवरात और कीमती चीजें गिरवी रख लेते हैं। सुलभ ऋण के फेर में लोग सूदखोरों के चंगुल में फंस रहे हैं। वसूली के लिए उत्पीड़न के मामले में साहूकारा अधिनियम की धारा 23 के तहत कार्रवाई का प्राविधान है लेकिन इसमें सजा महज तीन माह और जुर्माना पांच सौ रुपये तक है। संवाद
सरकारी विभागों में भी हैं सूदखोरों की पैठ
मेडिकल कॉलेज, कलक्ट्रेट, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, नगर निगम समेत अधिकतर विभागों में सूदखोरों ने जाल फैलाया हुआ है। ये सूदखोर सरकारी कर्मचारियों से आठ से दस फीसदी ब्याज वसूलते हैं। अधिकतर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जरूरत पड़ने पर इन्हीं से ब्याज पर रकम लेते हैं। सरकारी नौकरी होने के कारण सूदखोर उन्हें आसानी से ऋण दे देते है। रकम की वसूली के लिए हर माह की पहली से सातवीं तारीख तक बैैंकों के बाहर सूदखोरों का जमघट लगा रहता है। बैंक से निकलते ही सूदखोर इन कर्मियों से जबरन किस्तों की उगाही करते हैं। संवाद
केस एक
7 सितंबर 2019 को नारायणनगर निवासी एक महिला ने आईटीआई थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके पति ने चार साल पहले एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये दस रुपये सैकड़ा की दर से उधार लिए थे। धर्मेंद्र ने इस रकम पर 50 हजार रुपये ब्याज सूद और 20 हजार का मूलधन चुकता कर दिया। इसके बाद भी सूदखोर ने उस पर डेढ़ लाख रुपया बकाया निकाल दिया। चेक और स्टांप के आधार पर वह कार्रवाई करने की धमकी देने लगा। तनाव में धर्मेंद्र ने आत्महत्या कर ली।
केस दो
काशीपुर की मदर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने 22 अगस्त को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वारदात से पहले उसने सूदखोरों के उत्पीड़न को लेकर एक वीडियो भी बनाया। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
केस तीन
रुद्रपुर की पहाड़गंज कालोनी निवासी एक व्यक्ति मोटर मैकेनिक था। उसने सूदखोरों से एक लाख रुपये उधार लिए थे। ब्याज नहीं देने पर सूदखोर उस पर दबाव बना रहा था। वह उसका मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। 24 मई को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
केस चार
हल्द्वानी के कठघरिया स्थित एक होटल में 13 अप्रैल 2021 को भीमताल निवासी एक व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। वह ठेकेदारी का काम करता था। कर्ज को लेकर सूदखोर उसे परेशान कर रहे थे।
केस पांच
11 मई, 2020 को पिथौरागढ़ निवासी एक व्यक्ति ने पांच लोगों के खिलाफ सूदखोरी को लेकर प्रताड़ित करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने दस फीसदी ब्याज की दर से दस लाख रुपये उधार लिए थे। 40 लाख रुपये की रकम चुकता करने पर भी सूदखोर उसे धमका रहे थे। सूदखोरों के डर से वह वर्ष 2018 में घर छोड़कर चला गया था। सुरक्षा की गुहार लगाने पर पुलिस ने उसकी तहरीर पर कार्रवाई की।
कोट-
सूदखोरों की ओर से प्रताड़ना का कोई मामला संज्ञान में आता है तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधिकारियों और सीधे मुझे भी इस संबंध में सूचना दे सकते हैं।
-डॉ. नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी (कुमाऊं)
दूसरी खबर
सूदखोर के खिलाफ एक और पीड़ित ने दर्ज कराया मुकदमा
257000 के बदले ब्याज सहित 317300 रुपये वापस किए मगर 548000 मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। कर्ज देने के बाद ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाले चिराग अग्रवाल और उसके पांच साथियों के खिलाफ एक और व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अभी चिराग और उसके साथी गोविंद ढाली को ही गिरफ्तार कर पाई है। चार आरोपियों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है।
तराई विहार निवासी एक व्यक्ति ने रविवार को ट्रांजिट कैंप थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका कहना था कि उसने आवास विकास निवासी चिराग अग्रवाल से सितंबर 2021 में 53000 रुपये लिए थे। वह मूलधन के साथ ही हजारों रुपये ब्याज लौटा चुका है। इसके बावजूद चिराग का कहना था कि अभी मूलधन बाकी है। उसका कहना है कि एक दिन चिराग और उसके साथी, घनश्याम बाठला, मान, गोविंद ढाली और देवराय मंडल उसे अपने कार्यालय में ले गए। आरोप है कि उन्होंने निर्वस्त्र कर उसके साथ मारपीट की और नागिन डांस कराकर उसका वीडियो बनाया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चिराग लगातार उससे वसूली करता रहा। इधर, पुलिस ने रविवार को चिराग और गोविंद ढाली को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब दोनों कार से भागने के फिराक में थे। पुलिस का कहना है कि दोनों ने कार से सीओ को कुचलने का भी प्रयास किया।
अब आनंद विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने ट्रांजिट कैंप थाने में तहरीर सौंपकर बताया कि उसने चिराग अग्रवाल से मई 2019 से लेकर अब तक कुल 257000 रुपये लिए थे। बदले में 19 बैंकों के चेक, पत्नी के सोने के जेवर और कार चिराग के पास गिरवी रखी थी। वह चिराग को ब्याज सहित 317300 रुपये वापस कर चुका है, लेकिन चिराग 548000 रुपये की मांग कर रहा है। चिराग ने गिरवी रखी कार भी बेच दी है। पुलिस ने चिराग अग्रवाल उसके साथी गोविंद ढाली, देवव्रत मंडल, घनश्याम बाठला, मान और गोपाल शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ सिटी अभय सिंह ने बताया कि चिराग अग्रवाल और उसके साथी गोविंद ढाली को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।