रुद्रपुर। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्या और उत्पीड़न के मामले में अभियुक्त पति और नर्स को दोषमुक्त करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से यह प्रकरण सत्र न्यायालय के पास सुनवाई के लिए ट्रांसफर हुआ था।
सूरज प्रकाश निवासी किच्छा ने कोतवाली में 22 सितंबर 2018 को दर्ज कराए केस में कहा था कि उनकी बेटी जिनी सक्सेना ने नवंबर 2017 में अजीम कुरैशी निवासी वार्ड नंबर सात किच्छा से शादी की थी। अजीम ने उच्च न्यायालय का सहारा लेकर सुरक्षा ली थी। अगस्त 2018 में उनको जिनी अचानक किच्छा बाजार में मिली थी। उसने बताया कि अजीत के माता-पिता उसे दहेज के लिए ताना मारते हैं और प्रताड़ित करते हैं। अजीम भी उसको पीटता है। उसने खुद को गर्भवती बताया था।
उनके समझाने पर वह रोते हुए अपने घर चली गई थी। कुछ दिन बाद वह फिर से बाजार में मिली और ससुरालियों की ओर से इलाज नहीं कराने की बात कही। उसने डिलीवरी के बाद घर आने का वादा किया था। 19 सितंबर 2018 को अजीम ने उनको फोन कर डिलीवरी के दौरान जिनी की मौत होने की सूचना दी थी। वह बेटी को देखने पहुंचे तो पहले ही उसके शव को दफना दिया गया था।
सूरज प्रकाश का आरोप था कि अजीम व उसके परिवार ने साजिशन बेटी की हत्या की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने अजीम और डिलीवरी करने वाली नर्स पुष्पा रायजादा के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद अजीम कुरैशी को धारा 498ए, 304बी और अभियुक्ता पुष्पा रायजादा को धारा 304ए आईपीसी से दोषमुक्त करने का आदेश दिया।