काशीपुर बार एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में एसोसिएशन में महिला उपाध्यक्ष का पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। एजीएम में कार्यकारिणी सदस्य पद पर चुनाव लड़ने के लिए पांच वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य करने पर भी सहमति बनी। गहमागहमी के बीच ध्वनिमत से बार का बजट भी पारित किया गया।
बुधवार को बार भवन में अध्यक्ष इंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई वार्षिक आम सभा में बार सचिव संदीप सहगल ने वार्षिक बजट पेश किया। बजट में बताया कि पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र तुली की कार्यकारिणी की ओर से 34.05 लाख रुपये का अवशेष छोड़ा गया था। बार भवन के जीर्णोद्धार में करीब 12 लाख रुपये खर्च करने के अलावा अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता पर बड़ी राशि खर्च की गई। कोरोना काल में बार भवन के कायाकल्प के बावजूद बार की वर्तमान कार्यकारिणी ने 19.98 लाख रुपये से अधिक की बचत की है।
बार की एजीएम में तय किया गया कि कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए दावेदार की न्यूनतम प्रैक्टिस पांच वर्ष होनी चाहिए। एजीएम में महिला उपाध्यक्ष का पद सृजित करने पर भी सहमति बनी। कुछ अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता पद पर भी चुनाव कराने का सुझाव दिया लेकिन बार सचिव संदीप ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति का अधिकार बार के अध्यक्ष को होता है।
अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं पर भी विचार किया गया। बार के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र तुली, उमेश जोशी, कश्मीर सिंह, विधुशेखर शर्मा, मुजीब आलम, विपिन अग्रवाल, शैलेंद्र मिश्रा, वीरेंद्र चौहान व अनिल सहरावत ने विचार रखे। वहां मनोज निगोतियां, प्रसून वर्मा, ब्रजेश कुमार, विनोद पंत, अमित रस्तौगी, अब्दुल सलीम, कामिनी अग्निहोत्री, देवेंद्र पाल, शहाना, नीलू रानी, महेंद्र सिंह, सचिन नाडिग, अरविंद सक्सेना, रहमत अली खान, आलम सिसौदिया, अंशुमान सिंह, आलोक माथुर आदि थे।
श्रम न्यायाधीश ने किया बार भवन का लोकार्पण
काशीपुर। काशीपुर बार एसोसिएशन के भवन का लोकार्पण श्रम न्यायाधीश नितिन शर्मा व एडीजे (प्रथम) प्रीतु शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्रम न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि देश के प्रथम गृहमंत्री भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत इस बार के सदस्य रहे हैं। काशीपुर बार एसो. का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। बार के इस भवन का लाभ अधिवक्ताओं को मिलेगा।
अधिवक्ता यहां बैठकर कानूनी विषयों पर चर्चा कर अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यहां अपने कार्यकाल के अंतिम दिन बार भवन का लोकार्पण करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उनका स्थानांतरण ज्यूडिशियल लीगल एकेडमी में निदेशक के पद पर हुआ है। कार्यक्रम में सांई अहाना, सांई सत्यांशी, सांई विभूति व सांई ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किए। वहां न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी दुबे भी थीं। श्रम न्यायाधीश ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान में चयन होने पर टाइपिस्ट किशोर प्रधान के पुत्र श्रेय प्रधान को सम्मानित किया।