काशीपुर। अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में कांग्रेस की ओर से उत्तराखंड बंद की अपील की व्यापारियों ने कोई तब्बजों नहीं दी है। सुबह से ही बाजार चहल-पहल से भरा रहा। हालांकि पार्टी पदाधिकारी विनम्र अपील की बात कर रहे हैं।
शनिवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक मैसेज डाला था। इसमें उन्होंने कहा था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। इस विषय में उत्तराखंड सरकार की ओर से भारत सरकार को भेजे गए प्रतिवेदन को सार्वजनिक न किए जाने से सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। इसको लेकर उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर 11 जनवरी को सभी विपक्षी दलों ने सार्वजनिक रूप से बंद के आह्वान का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने इस मैसेज के माध्यम से उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण बंद में सहयोग की अपील की थी लेकिन रविवार को सुबह से ही यह अपील बेअसर देखने को मिली। सुबह से ही व्यापारी दुकानें खोलकर बैठ गए। गुनगुनी धूप के बीच खरीदारों से बाजार गुलजार रहा। अलका पाल ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से बंद के लिए विनम्र अपील की गई थी। धरातल पर बंद करने का कार्यक्रम नहीं था।