रुद्रपुर। जिला पंचायत की गदरपुरा सीट पर नामांकन कराकर प्रचार में उतरी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सरोज रानी ने अचानक मैदान से हटने का फैसला कर सबको चौंका दिया। नाटकीय घटनाक्रम से कांग्रेस में हड़कंप मच गया और फजीहत से बचने के लिए आनन-फानन निर्दलीय प्रत्याशी रेखा कांबोज को पार्टी ने समर्थित घोषित कर दिया। इस घटनाक्रम से हाईकमान में नारााजगी है। माना जा रहा है कि हाईकमान अब सरोज के टिकट की पैरवी करने वालों पर कार्यवाही कर सकता है।
दरअसल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने चार जुलाई को जिला पंचायत के 24 समर्थित प्रत्याशी की सूची जारी की थी। इसमें गदरपुरा की पिछड़ा वर्ग महिला सीट पर सरोज रानी का नाम घोषित किया गया था और सरोज ने नामांकन दाखिल कर प्रचार भी शुरू कर दिया था। मंगलवार की रात सरोज ने अचानक चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर पार्टी और समर्थकों को सबको हैरत में डाल दिया। प्रत्याशी की ओर से इसकी वजह नगर पालिका और ग्राम पंचायत दोनों जगह मतदाता सूची में नाम होना बताया।
खुद को कांग्रेस का सिपाही बताते हुए हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए निर्णय लेने की बात कही। इधर सरोज के निर्णय के बाद कांग्रेस नेताओं ने किरकिरी से पार्टी को बचाने के लिए मशक्कत करनी शुरू कर दी। इस सीट पर निर्दलीय नामांकन कराने वाली रेखा कांबोज से संपर्क किया गया और आखिरकार रेखा को पार्टी ने समर्थित प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। हालांकि रेखा ने पहले क्षेत्र में दो से अधिक सीटों पर बीडीसी का नामांकन किया था और फिर नामांकन वापस ले लिए गए थे। ब्लॉक प्रमुख के लिए उनके नाम की चर्चा खूब थी लेकिन उन्होंने गदरपुरा जिपं सीट से नामांकन दाखिल कर दिया था।