मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में उत्तराखंड के साथी केंद्र हुआ शुभारंभ किया। इसे आईआईटी कानपुर उच्च व शिक्षा विभाग उत्तराखंड के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। आज इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता प्राप्त हो रही है।
इसके माध्यम से आज आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रोफेसर ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। आज यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, रेलवे आदि महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों और निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों सहित अन्य सभी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। इस केंद्र में 80 विद्यार्थियों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
धामी ने कहा कि इस सुविधा का सीधा लाभ खटीमा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी प्रोजेक्ट साथी से लाभान्वित हो चुके हैं। हमारे राज्य में भी अब तक लगभग 29 हजार विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं। पिछले वर्ष 500 से अधिक विद्यार्थियों ने इस प्लेटफॉर्म की मदद से विभिन्न परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। जहां एक ओर नई शिक्षा नीति द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्सेज को संचालित करने की पहल की जा रही है वहीं, सांइस सिटी, एस्ट्रो पार्क आदि का निर्माण कर हम राज्य में साइंटिफिक रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही, हम अपनी नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, जहां हमारे युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन सकें। वहां पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, सचिव उच्च शिक्षा डॉ रंजीत कुमार सिन्हा, डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, प्राचार्य पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. गुरेंद्रर सिंह, डॉ. सुरेंद्र पडियार आदि थे।
उत्तराखंड में नौ नए महाविद्यालयों की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ नौ नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया जा रहा है। सरकार की ओर से संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस एवं समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यार्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
सीएम धामी ने कहा कि बहुत से युवा आगे चलकर सरकारी नौकरी में जाने का सपना देख रहे होंगे, अब युवाओं की आपकी मेहनत पर कोई भी नकल माफिया डाका नहीं डाल सकता। अब उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू है। पहले धांधली और पेपर लीक होते थे, जिससे प्रदेश के युवाओं का मनोबल टूट रहा था, लेकिन जब से नकल विरोधी कानून लागू किया है, तब से एक भी परीक्षा में पेपरलीक नहीं हुआ।