रुद्रपुर। छह-छह घंटे की बिजली कटौती से परेशान व्यापारियों ने शुक्रवार को यूपीसीएल वितरण मंडल कार्यालय पर प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। उन्होंने निगम के इंजीनियरों का घेराव कर प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू न करने पर मुख्यमंत्री का घेराव करने चेतावनी दी।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा की अगुवाई में बिजली कटौती के खिलाफ व्यापारियों ने यूपीसीएल के इंजीनियरों के सामने आक्रोश व्यक्त किया। व्यापारियों ने कहा कि बिजली गुल होने के चलते ऑनलाइन कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कंप्यूटर नहीं चलने से ग्राहकों के बिल नहीं निकल पा रहे हैं। रात में ऊर्जा निगम के कर्मचारियों के फोन नहीं उठते हैं।
कहा कि रोस्टर प्लान के हिसाब से बिजली कटौती नहीं की जा रही है। कहा कि 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री के आगमन पर बिजली कटौती के खिलाफ विरोध किया जाएगा। आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम के संविदा कर्मचारियों की ओर से वसूल किए गए व्यापारियों के रुपये भी कार्यालय में नहीं जमा किए हैं।
यूपीसीएल अधिशासी अभियंता एसके तिवारी ने कहा कि व्यापारियों की समस्या से निपटने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें बिजली कटौती से पहले ही रोस्टर प्लान डाल दिया जाएगा। ताकि व्यापारियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वहां प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री राजेश बंसल, नगर महामंत्री हरीश अरोरा, पवन गाबा, मनीष ठुकराल, मनोज छाबड़ा, मनोज छाबड़ा, जोम्मी चांडा, आकाश भुसारी, अरुण अरोरा आदि थे।
जिले को तीन मिलियन कम मिल रही बिजली
रुद्रपुर। बिजली का उत्पादन नहीं होने से पूरे उत्तर भारत में बिजली की कमी हो गई है। अकेले ऊधमसिंह नगर जिले में 12 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति होती है। गर्मी का सीजन आते ही यूपीसीएल के सेंट्रल पूल से जिले को नौ मिलियन यूनिट की आपूर्ति की जा रही है। 25 प्रतिशत यानी तीन मिलियन बिजली कम मिलने से तराई में बिजली संकट पैदा हो गया है।
उद्योगों का 40 प्रतिशित उत्पादन ठप हो गया है। अधिशासी अभियंता एसके तिवारी ने कहा कि बिजली का उत्पादन नहीं होने से समस्या आ रही है। शीघ्र ही यूपीसीएल प्रबंधक की ओर से बिजली के रोस्टर प्लान बनाने की अनुमति मिल जाएगी। अभी यूपीसीएल स्टेट कंट्रोल की ओर से बिजली काटी जा रही है। संवाद
सिडकुल के 500 से अधिक उद्योगों पर 30 से 40 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित
रुद्रपुर। सिडकुल में 500 से अधिक कंपनियों को बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। छह-छह घंटे बिजली कटौती से कंपनियों का 30 से 40 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हो रहा है। सिडकुल एंटरप्रीनियोर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि बिजली कटौती के संबंध में यूपीसीएल एमडी, डीएम, सिडकुल आरएम को पत्र लिखा गया है। ऐसे ही बिजली कटौती जारी रही तो उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उपाध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने कहा कि एक अप्रैल से ही बिजली कटौती हो रही है। कंपनियों को करोड़ों रुपयों का नुकसान हो रहा है। डीजल नहीं होने से कुछ उद्योग ठप हो जाते हैं। संवाद