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धान के पैसे का नहीं हुआ भुगतान, कमीशन एजेंटों के चक्कर काट रहे किसान

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कुंवरपाल दहिया, फौजी मटकोटा। - फोटो : RUDRAPUR
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धान के भुगतान के लिए किसान कमीशन एजेंटों से लेकर धान मालिकों तक के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार ने सहकारी क्रय केंद्रों और कमीशन एजेंटों के माध्यम से बेचे गए धान के मूल्य का भुगतान 48 घंटों के भीतर करने का वादा किया था।
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रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार को भी कई किसान धान के भुगतान की जानकारी लेने पहुंचे। किसानों का कहना था कि धान खरीदने के बाद कमीशन एजेंट उन्हें लगातार टरका रहे हैं। बहाने बनाकर भुगतान के लिए लटका रहे हैं।
किसानों ने कहा कि धान मिल मालिक ही कमीशन एजेंट भी हैं, जिस कारण उनका दोहरा आर्थिक शोषण हो रहा है। वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेमंत जोशी ने कहा कि किसानों के धान के भुगतान के लिए शीघ्र बजट जारी होने की उम्मीद है। इधर, किसानों ने धान का भुगतान न होने से आ रही दिक्कतों और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याओं को बताया।
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25 अक्तूबर को करीब 145 क्विंटल धान बेचा था, जिसका आज तक भुगतान नहीं हुआ। कमीशन एजेंट लगातार फोन पर गुमराह कर रहे हैं। - कमरजीत सिंह, बिगवाड़ा।
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सरकार ने किसानों से धान की बिक्री के 48 घंटे के भीतर भुगतान का वादा किया था, लेकिन जिले में हजारों किसानों को भुगतान नहीं हो सका है। -अमृतपाल सिंह, बिगवाड़ा।
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समय पर धान का भुगतान न होने से आर्थिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं। कई किसान धान के पैसे का भुगतान न होने से गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। - सुरेंद्र चौधरी, बागवाला।
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आपदा की मार झेल चुके किसानों को अब धान का भुगतान न होने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे। -कुंवरपाल दहिया, फौजी मटकोटा।

सुरेंद्र चौधरी, बागवाला।- फोटो : RUDRAPUR

अमृतपाल सिंह, बिगवाड़ा।- फोटो : RUDRAPUR

करमवीर सिंह, बिगवाड़ा।- फोटो : RUDRAPUR

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