गूलरभोज के ग्राम मजरा आनंद सिंह में तहसील प्रशासन की ओर से ढहाए गए निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुक्सा जनजाति के लोगों ने कलक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
बृहस्पतिवार को मजरा आनंद सिंह गांव के सैकड़ों लोग कलक्ट्रेट पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया तो वे गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन तहसील प्रशासन ने गुपचुप नीलामी प्रक्रिया में जनजाति किसान कुंवर सिंह और लक्ष्मी सिंह की जमीन को असंवैधानिक तरीके से अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर दी थी। मिलीभगत से भूचित्र से छेड़छाड़ कर स्थिति को बदलने की नियमविरुद्ध कोशिश की गई है। बीती 22 सितंबर को लक्ष्मी सिंह के गेट और अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने गेट पर पहुंचे एसडीएम प्रत्यूष सिंह को डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। वहां पर पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, बुक्सा युवा समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह, बुक्सा आदिम जनजाति कल्याण सेवा समिति अध्यक्ष मोहन सिंह, कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल सिंह, लक्ष्मी सिंह, किशोर कुमार, पूरन सिंह, रवि बरुआ आदि मौजूद रहे।
उत्पीड़न का आरोप लगाया
दिनेशपुर। रामलीला मैदान में बुक्सा समुदाय ने महापंचायत कर प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की। कहा कि जांच के नाम पर लक्ष्मी सिंह के परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहां पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, ममता हालदार, बाबू सिंह तोमर, स्वरूप सिंह,गोविंद सिंह, कन्हैया सिंह, बलवंत सिंह गैड़ा, मोहन सिंह आदि मौजूद रहे। (संवाद)
रुद्रपुर कलक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन करते बुक्सा जनजाति के लोग।- फोटो : RUDRAPUR