संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सिडकुल की सेक्टर-5 स्थित अमेरिका की प्रख्यात एचपी कंपनी से निकाले गए 185 कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय में पहुंचकर कार्यबहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इधर, कंपनी प्रबंधन का कहना है कि वह चेन्नई में अपने प्रबंधन कार्यों को मजबूत कर रहे हैं, इस वजह से सिडकुल प्लांट को बंद करना पड़ रहा है। वह अपने कर्मचारियों के हित में सोच रहे हैं, कंपनी की ओर से उन्हें आर्थिक पैकेज भी दिया जाएगा।
बुधवार को उपश्रमायुक्त कार्यालय में सहायक श्रमायुक्त प्रशांत कुमार के समक्ष कंपनी प्रबंधन व कर्मचारियों की वार्ता हुई। इसमें कर्मचारी पक्ष ने काम जारी रखने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि प्लांट बंद होने से 500 ठेका मजदूर और 185 कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इनमें आईटीआई, डिप्लोमा होल्डर समेत टेक्नीशियन शामिल हैं। कोरोना काल में दूसरी कंपनी में भी नौकरी नहीं लग सकेगी। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी का उत्पादन अच्छा चलने के बाद भी प्लांट बंद किया जा रहा है।
इधर, कंपनी के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन विभाग के दिनेश जोशी ने कहा कि सिडकुल के अलावा एचपी की मैन्युफेक्चरिंग कंपनी चेन्नई में भी है। ऐसे में कंप्यूटर व डेस्कटॉप बनाने के विभिन्न उपकरण इंपोर्ट किए जाते हैं। भविष्य में मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत काम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाले उपकरण चेन्नई के साथ ही पंतनगर में भी लाने पड़ रहे हैं। ऐसे में कंपनी को दिक्कत हो रही है। कर्मचारियों के हित के बारे में सोचा जा रहा है। वहां विनीत कपिल, भवान सिंह, गंगा सिंह, कमलकांत, नरेंद्र सनवाल, धीरेंद्र मेहरा, मनोज कुमार, दिनेश, शैलेंद्र रावत आदि थे।