जवाहर नगर को नगर पंचायत में शामिल करने के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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ग्राम जवाहरनगर में स्व. श्यामलाल बर्मा प्रांगण में बने पंचायत भवन में ग्रामीणों ने बैठक कर गांव को नगर पंचायत में शामिल करने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने प्रदर्शन करने के साथ ही जवाहरनगर को गांव ही रहने देने की मांग की।
शनिवार को ग्रामीणों ने बैठक कर एक दूसरे को होली की बधाई दी। कहा कि नगला नगर पंचायत में फूलबाग, नगला, गोल गेट को जोड़ा गया है। इन जगहों पर लोक निर्माण, वन निगम, सिंचाई और पंतनगर विवि की जमीन पर लोग काबिज हैं। स्वतंत्रतासंग्राम सेनानियों के गांव जवाहरनगर को नगर पंचायत में शामिल किया जा रहा है जो गलत है। क्षेत्रीय विधायक जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। बिशन सिंह मेहरा ने कहा कि ग्राम जवाहरनगर को ग्राम सभा में ही रहने दिया जाए। यह राजस्व गांव होने के साथ ही स्वतंत्रतासंग्राम सेनानियों का गांव है।
डॉ. गणेश उपाध्याय ने कहा कि जवाहरनगर ग्राम सभा का नाम देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखा गया था जिसमें स्वतंत्र संग्राम सेनानियों के लोगों को जमीन आवंटित की गई थी। आज जवाहर लाल नेहरू के नाम को समाप्त करने की साजिश की जा रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुंदर पटवाल ने कहा कि विधायक नगर पंचायत की आड़ में सरकारी जमीन पर काबिज लोग को वैध करने का काम कर रहे हैं।
श्याम लाल वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार के गांव का अस्तित्व मिटाने का काम किया जा रहा है। जीवन सिंह लुधियाना ने कहा कि अगर जवाहरनगर को नगर पंचायत में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ अनशन सहित अन्य कदम उठाए जाएंगे। वहां बीडीसी लता पटवाल, ग्राम प्रधान दीपा कांडपाल, दिग्विजय खाती, उमेश वर्मा, सुरेश शर्मा, विनोद कुमार, राजेंद्र पटवाल, संजय पटवाल सहित अनेक मौजूद रहे।