रुद्रपुर स्थित मोदी मैदान में किसान रैली की तैयारियों का जायजा लेते भाजपाई।
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कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन प्राप्त करने की जिम्मेदारी अब भाजपा संगठन के कंधों पर आ गई है। बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के मोदी मैदान में सुबह 11 बजे से होने जा रही किसान रैली भाजपा संगठन की परीक्षा साबित होगी।
कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान आंदोलित हैं। राज्य के ऊधम सिंह नगर जिले से भी सैकड़ों किसान दिल्ली के पास गाजीपुर सीमा पर डटे हुए हैं। उत्तराखंड का किसान बहुल जिला होने के कारण प्रदेश सरकार कई बार कृषि कानूनों पर जिले के किसानों का समर्थन प्राप्त करने का प्रयास कर चुकी है। 21 नवंबर को सीएम टीएस रावत ने रुद्रपुर पहुंचकर किसानों को लेकर कई घोषणाएं की थीं। इसके बाद भी किसानों का कृषि कानूनों को लेकर विरोध जारी है।
सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम न निकलने के बाद अब किसानों का समर्थन प्राप्त करने की जिम्मेदारी भाजपा संगठन के पाले में चली गई। बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में होने जा रही किसान रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों ने पिछले एक सप्ताह से रुद्रपुर में डेरा डाल रखा है। भाजपा जिला अध्यक्ष शिव अरोरा स्वयं रुद्रपुर के निवासी हैं। चूंकि भाजपा सांगठनिक रूप से अनुशासित और मजबूत पार्टी मानी जाती है, ऐसे में किसान रैली की सफलता और असफलता भाजपा संगठन की एक और परीक्षा होगी।
मोदी मैदान में आयोजित होने वाली किसान रैली के कार्यक्रम स्थल का बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने जायजा लिया। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने बताया कि संगठन के साथ ही जिले के आठ विधायकों पर भी किसान रैली को सफल बनाने की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने बताया कि किसान रैली में जिले के साथ ही नैनीताल जिले के किसान भी शामिल होंगे। रैली के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक होंगे। रैली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत भी पहुंचेंगे। रैली सुबह 11 बजे शुरू होगी। जुलूस में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से और पैदल भी शामिल होंगे। किसान रैली गाबा चौक पर खत्म होगी।