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Udham Singh Nagar News: उत्तराखंड में केन हार्वेस्टर से कटेगा गन्ना, यूपी से आएगी मशीन

Fri, 22 May 2026 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। तराई के गन्ना किसानों के सामने गन्ने की छिलाई के लिए मजदूर (लेबर) न मिलना इस समय सबसे बड़ा संकट बन चुका है। गन्ने की खेती में आ रही इस व्यावहारिक दिक्कत और बढ़ती लागत से किसान अब इसकी बुवाई से तौबा करने लगे हैं। किसानों की इस समस्या का समाधान निकालने के लिए अब गन्ना विभाग उत्तराखंड में केन हार्वेस्टर मशीन से गन्ने की कटाई की योजना बना रहा है। इसके लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से आधुनिक हार्वेस्टर मशीन मंगाकर ट्रायल करने की तैयारी है ताकि आगामी पेराई सत्र में किसानों को राहत दी जा सके।
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तराई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली गन्ने की फसल को हाथों-हाथ नकद भुगतान के कारण किसानों की मुख्य कैश क्रॉप (नकद फसल) माना जाता है। एक दशक पहले तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोग खुद ही गन्ने की छिलाई करने पहुंच जाते थे। वे मजदूरी के बदले गन्ने का ऊपरी हिस्सा (अगोला) ले जाते थे जिससे उनके पशुओं के लिए बेहतरीन हरे चारे का इंतजाम हो जाता था।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण इलाकों में पशुपालन कम होने से यह पारंपरिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। अब मजदूरों को काम के बदले मोटी नकदी चाहिए और पिछले पांच-छह सालों से तो सीजन के वक्त मजदूर मिलना भी लगभग बंद हो गए हैं।
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गन्ने से मुंह मोड़, धान और गेहूं की तरफ बढ़े किसान
गन्ना बुवाई, कटाई और छिलाई में आ रही मजदूरों की दिक्कतों के कारण किसान अब गन्ने की खेती कम कर रहे हैं। इसके बजाय वे गेहूं और धान की पारंपरिक खेती को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि धान की बुवाई अब आधुनिक डीएसआर पद्धति यानी मशीनों से सीधी बिजाई के जरिए हो रही है और कटाई भी कंबाइन हार्वेस्टर से आसानी से निपट जाती है। मेहनत और मजदूरी के इसी झंझट से बचने के लिए किसानों ने गन्ने का रकबा घटाना शुरू कर दिया है।
केन हार्वेस्टर मशीन से किसानों को क्या होंगे लाभ?
- यह आधुनिक मशीन प्रति घंटा 100 से 150 क्विंटल गन्ने की कटाई और छिलाई एक साथ कर देती है।

- श्रमिकों की मनमानी और किल्लत से मुक्ति मिलेगी और भारी-भरकम मजदूरी का खर्च बचेगा।- कटाई तेज होने से चीनी मिलों को समय पर गन्ने की आपूर्ति होगी जिससे गन्ने का वजन सूखने का नुकसान नहीं होगा।

- मशीन से कटाई के बाद भी खेतों में मिलने वाले अगोले का उपयोग किसान अपने पशुओं के चारे के लिए कर सकेंगे।
उत्तराखंड में गन्ना उत्पादन
कुल गन्ना क्षेत्रफल (राज्य में) सबसे अधिक पैदावार वाले जिले मशीन की कार्य क्षमता
94,088 हेक्टेयर ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार 100 से 150 क्विंटल प्रति घंटा
कोट
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी केन हार्वेस्टर मशीन से गन्ने की कटाई को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय किसानों से चर्चा की जा रही है। विभाग पूरी तैयारी और गहन चिंतन के बाद इस आधुनिक मशीन को देवभूमि में ला रहा है। जल्द ही इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा ताकि किसानों को लेबर संकट से निजात मिल सके। - त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, गन्ना आयुक्त, उत्तराखंड
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