काशीपुर। जिले की सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड वाहन अब केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि निर्दोषों की मौत का सबब बन चुके हैं। खनन, लकड़ी और भूसे से लदे ये यमराज आए दिन किसी का सुहाग उजाड़ रहे हैं तो कहीं मासूमों के सिर से माता-पिता का साया छीन रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे केवल कार्रवाई के आश्वासन से जनता के आक्रोश को शांत कर रहे हैं।
बेखौफ रफ्तार और प्रशासनिक मौन
हाईवे पर तेज रफ्तार डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली क्षमता से कई गुना अधिक वजन लादकर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बीते शुक्रवार को कुंडेश्वरी पुलिस चौकी क्षेत्र की है जहां एक डंपर चालक की लापरवाही ने एक और परिवार का सहारा छीन लिया। डंपर का खुला डाला स्कूटी सवार को लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मुनाफे के फेर में चालक न केवल ओवरलोडिंग कर रहे हैं बल्कि नशे की हालत में वाहन चलाकर सड़कों को असुरक्षित बना रहे हैं।
क्या बोले शहरवासी
- सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन पुलिस-प्रशासन की नाकामी का सीधा प्रमाण हैं। जब तक भारी जुर्माना और सख्त चेकिंग नहीं होगी, वाहन स्वामी अंडरलोड चलने को तैयार नहीं होंगे। - राजीव सेतिया, पूर्व अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
- हैरानी की बात है कि आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इन पर अंकुश कौन लगाएगा। पुलिस, एआरटीओ या प्रशासन किसकी जिम्मेदारी है। कई डंपर चालकों की ओर से नशे में वाहन चलाया जाता है जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। - गिरजेश खुल्बे, अध्यक्ष, काशीपुर बार एसोसिएशन
- सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों को है। ये ओवरलोड वाहन स्कूली बसों को रास्ता तक नहीं देते। शासन को इस पर तत्काल कड़ा रुख अपनाना चाहिए। - सरोज ठाकुर, शिक्षिका, काशीपुर
- छोटे वाहनों पर तो पुलिस तुरंत सख्ती दिखाती है, लेकिन सड़क पर दौड़ते इन भारी यमराजों पर लगाम कसने वाला कोई नहीं है। बीते वर्षों में सड़क हादसों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। - डॉ. चक्रेश कुमार जैन, उप सचिव, केडीएफ
कोट
- पुलिस और एआरटीओ विभाग अपने-अपने स्तर से समय-समय पर कार्रवाई करते हैं। चालानी कार्रवाई के साथ वाहनों को सीज भी किया जा रहा है। - स्वप्न किशोर सिंह, एसपी, काशीपुर