खटीमा में पत्रकारों से वार्ता करते उप नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक भुवन कापड़ी। संवाद
खटीमा। खटीमा के विधायक एवं उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट की पोल खुलने से पहले ही विधानसभा सत्र समाप्त करा दिया। कापड़ी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में दर्ज कराई गई क्षेत्र की 52 समस्याओं पर बजट सत्र के दौरान प्रदेश सरकार ने कोई चर्चा नहीं की। सत्र में बजट पर चर्चा करने के बजाय सरकार ने तीन दिन पूर्व ही सत्र समाप्त कर दिया जबकि इसका समय दो दिन और बढ़ाया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि खटीमा में सीएम ने गोशाला निर्माण के लिए 50 लाख दो किश्तों में देने की घोषणा की थी जबकि मौजूदा बजट में इसका जिक्र ही नहीं है। आठ माह पूर्व मैंने विधायक निधि से 10 लाख रुपये विद्युत पोलों के लिए दिए थे। जो आज तक अधिकारियों ने ट्रांसफर नहीं किए।
कापड़ी का आरोप है कि वह क्षेत्र की समस्याओं के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलना चाहते थे लेकिन तीन बार अर्जी के बाद भी उन्हें समय नहीं दिया गया। कहा कि अपने एक साल के कार्यकाल में सीएम 22 बार खटीमा आ चुके हैं। अब 23वीं बार आने को हैं। इतना जरूर कहा जाएगा सीएम साहब अब जाम नहीं काम चाहिए। हवाई जहाज की सवारी जनता पर पड़ रही है भारी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सीएम साहब के यहां आने पर कार्यकर्ता उन्हें गुलाब के फूल के साथ एक लिखित समस्या भी भेंट करें।
गुमशुदा पोस्टरों के सवाल पर कापड़ी ने इसे तुच्छ मानसिकता बताया। प्रदेश के मुखिया का प्रशासन पर दबाव रहेगा तो वह मनमानी करेगा। खटीमा में वहीं हो रहा है। पुतला फूंकना, पोस्टर लगाना इसी का परिणाम है। क्षेत्र में नहीं मिलने एवं काम नहीं करने की शिकायत वाले लोग मेरे दफ्तर अथवा जिले में सीडीओ के पास जाकर पता कर लें कि क्या कार्य हो रहे हैं। वहां पर उमेश राठौर बॉबी, देवेंद्र कन्याल, अरविंद कुमार, दान सिंह राणा, नासिर खान, विनोद चंद, विजय शंकर यादव, राजकिशोर सक्सेना आदि थे।