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जहर डालकर कर रहे थे पक्षियों का शिकार पकड़े गए

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सितारगंज बाराकोली रेंज कार्यालय में वन विभाग की अभिरक्षा में पक्षियों के साथ पकड़े गए शिकारी। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। सर्दियों के मौसम में जहां विदेशी मेहमान पक्षियों का जलाशयों पर डेरा बना है तो वहीं, इन पक्षियों का शिकार करने वाले शिकारी भी गिद्ध की तरह जलाशयों पर मंडराने लगे हैं। जलाशय के पानी पर तैरते पत्तों में जहर मिलाकर मछली रखकर शिकार करने वाले दो शिकारियों को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। इनके पास से शिकार किए गए शेडयूल-4 श्रेणी के आठ पक्षी भी मिले। इनमें सात मृत अवस्था में थे तो एक जिंदा पाया गया। टीम ने उन्हें कब्जे में लेकर पकड़े गए शिकारियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
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प्रभारी रेंजर आईएफएस अभिमन्यु ने जानकारी दी कि बृहस्पतिवार की शाम को बाराकोली वन रेंज के कर्मी वनों एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए बैगुल जलाशय के वीट एन-1 क्षेत्र में गश्त पर थे। यहां टीम ने जलाशय के किनारे पानी में दो शिकारियों को जलीय पक्षियों का शिकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उनके पास से शिकार किए गए आठ पक्षी भी बरामद हुए। टीम दोनों को रेंज कार्यालय ले आई। पूछताछ में शिकार के आरोपियों ने अपना नाम बैगुल कॉलोनी निवासी भवानी शंकर व विकास यादव बताया। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
आईएफएस अभिमन्यु ने बताया कि शिकारियों ने जलाशय में उगे पौधों के पत्तों पर छोटी मछलियों में जहर मिलाकर रखा था। जिनका पक्षी सेवन करने के बाद या तो बेहोश हो जाते हैं या फिर उनकी मौत हो जाती है। बरामद पक्षियों में जहर खाने की वजह से ही सात पक्षी मरे हुए मिले। वन टीम में वन दरोगा विनोद कुमार, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, गणेश चंद्र जोशी, श्रवण कुमार आदि थे।
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-इन प्रजातियों के हैं शिकार किए गए पक्षी
आईएफएस अभिमन्यु के अनुसार शिकार किए गए पक्षियों में एक पर्पल स्वैम्प हैन, एक इंटरमीडिएट एग्रेट, पांच पौण्ड हेरोन, एक रेड वाटलेड लैपविंग लिव प्रजाति का पक्षी है। ये सभी पक्षी विदेशी हैं और सर्दी के मौसम में यहां जलाशयों में आते हैं। बताया कि पक्षियों के शिकार पर रोक लगाने के लिए उनका अभियान जारी रहेगा।

शिकारियों द्वारा शिकार किए गए पक्षी।- फोटो : SITARGANJ

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