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Rudrapur: मवेशी से टकराकर सड़क पर गिरा बाइक सवार, अज्ञात वाहन ने कुचला, मौत

Thu, 07 May 2026 11:05 AM IST
गायत्री जोशी अमर उजाला ब्यूरो

सार

काशीपुर हाईवे पर मवेशी से टकराकर गिरे बाइक सवार युवक को पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने युवक को रौंद दिया।
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मृतक परविंदर। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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काशीपुर हाईवे में मवेशी से टकराकर बाइक सवार सड़क पर गिर गया। वह खुद को संभाल पाता उससे पहले ही पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने युवक को रौंद दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ग्राम अलखदेवा, प्रेमनगर थाना गदरपुर निवासी परविंदर सिंह उर्फ पिंदर (35) पुत्र रंजीत सिंह रुद्रपुर स्थित एक मोबाइल शोरूम में कार्यरत था। मंगलवार को रोजाना की तरह वह रात में ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहा था। परिजनों के अनुसार, युवक जैसे ही रात करीब 10:30 बजे करतार हवेली के सामने पहुंचा तभी डिवाइडर पर बैठे एक बेसहारा पशु के अचानक सड़क पर आ जाने से परविंदर की बाइक उससे टकरा गई जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा।

इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे रौंद दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने रात में ही शव को मोर्चरी भिजवा दिया और बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।

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जन्मदिन पर काल बनकर आई परविंदर के लिए मौत

रुद्रपुर में बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि मंगलवार को परविंदर का जन्मदिन था। वह परिवार में इकलौता कमाने वाला था। उसके दो बेटे हैं, परविंदर की पत्नी तो यह सहन नहीं कर पा रही है कि उनका पति हमेशा के लिए उनसे दूर जा चुका है।

मंगलवार देर रात लोगों ने किया प्रदर्शन

काशीपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे के बाद क्षेत्र में गहरा आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया जिससे देर रात तक हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां कागजात में मामूली देरी पर वाहन सीज कर दिए जाते हैं। वहीं बेसहारा पशुओं से होने वाली मौतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक मार्गों से निराश्रित पशुओं की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।

लावारिस पशुओं के कारण दो साल में 60 से ज्यादा मौतें

प्रशासन भले ही तमाम गोशालाओं के दावे कर ले लेकिन वास्तविकता यही है कि सड़क पर पशु बेसहारा घूम रहे हैं और कई बार वह खुद भी सड़क हादसे का शिकार हो जाते हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, दो साल में 60 से ज्यादा मौतें सिर्फ लावारिस पशुओं के कारण हुई हैं।

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