एसडीएम जसपुर एचएस मर्तोलिया विवादित भूखंड पर एक पक्ष को कब्जा दिलाने काशीपुर व कुंडा थाना की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इससे गांव भरतपुर छावनी में तब्दील हो गया। इसी दौरान दूसरे पक्ष के वकीलों की टीम भी पहुंच गई। वकीलों ने एसडीएम को बताया कि मुकदमा अदालत में विचाराधीन है, अदालत ने अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया है। इस पर एसडीएम बिना कब्जा दिलाए वापस लौट गए।
ग्राम भरतपुर तहसील जसपुर निवासी जसवीर कौर और जगतार सिंह ने कई वर्ष पहले पलविंदर सिंह और साहब सिंह को लगभग ग्यारह बीघा भूमि बैनामा की थी। इस दौरान दोनों पक्ष में हुए लेनदेन और कब्जे का विवाद सिविल जज जूनियर डिवीजन काशीपुर की अदालत मेें पहुंच गया। शुक्रवार की सुबह एसडीएम (जसपुर), तहसीलदार (जसपुर), नायब तहसीलदार राधेश्याम राणा, कानूनगो, पटवारी, कोतवाल काशीपुर वीके जेठा, थानाध्यक्ष कुंडा रमेश तनवार, सरोज कांबोज, उप निरीक्षक अशोक कुमार और दोनों थानों के लगभग अस्सी पुलिस कर्मियों के साथ ग्राम भरतपुर में पलविंदर सिंह और साहब सिंह को कब्जा दिलाने पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को देखकर गांव में अफरातफरी मच गई। प्रशासन की टीम ने पलविंदर सिंह और साहब सिंह को कब्जा दिलाने के लिए विवादित खेत में जुताई के लिए ट्रैक्टर उतार दिया। इसी दौरान जसवीर कौर और जगतार सिंह के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, अधिवक्ता पवन वर्मा, अधिवक्ता शीशपाल भी मौके पर पहुंच गए। वकीलों ने एसडीएम से कब्जा दिलाने की कार्रवाई को अवैध और नियम विरुद्ध बताकर कहा कि भूमि का विवाद अदालत में विचाराधीन है। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। अदालत ने अगर कोई आदेश दिया है तो वह उनको दिखाया जाए। इस पर एसडीएम फोर्स के साथ वापस लौट गए।