सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का पीपीपी मोड शनिवार से खत्म कर दिया गया है। मंडलीय निदेशक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. गीता शर्मा ने सीएमएस डा. वीके तिलारा को नियमित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक डा. शर्मा के अनुसार सीएचसी में वैकल्पिक तौर पर 5 डाक्टर सहित 14 कर्मचारियों का स्टाफ नियुक्त किया गया है। शर्मा ने कहा कि पीपीपी मोड के अंतर्गत कार्य कर रहे डाक्टर भी नियमानुसार संविदा के रूप में सीएचसी में कार्य कर सकते हैं।
बता दें कि तीन साल पहले शासन ने बाजपुर सीएचसी को पीपीपी मोड में बरेली के शील नर्सिंग होम को दिया था। इसमें दुर्घटना और अन्य हादसों में घायलों का मेडिकल नही बन रहा था, जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही थी। क्षेत्र के लोग लंबे समय सीएचसी को बहाल करने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में एक ज्ञापन भी राज्यपाल को भेजा गया था। इसके बाद मंडलीय निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. गीता शर्मा ने बताया कि सीएचसी बाजपुर को पीपीपी मोड से लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
इसके तहत सीएचसी में तैनात डॉ. वीके तिलारा को सीएमएस, जसपुर के गांव करनपुर पीएचसी के डॉ. संजीव कुमार अग्रवाल, पीएचसी केलाखेड़ा के डॉ. विभूति भूषण, सीएचसी किच्छा के (दंत विशेषज्ञ) डॉ. रवि भट्ट, एपीएचसी सुल्तानपुर पट्टी की महिला चिकित्सक डॉ. गार्गी सिंह को तैनात किया है। साथ ही फार्मेसिस्ट एनके पांडे, भारतेन्दु पांडे, सिस्टर जयवंती, कुलविंदर कौर, लैब टैक्निशियन सतेंद्र कुमार यादव, सेवक दीवान सिंह, जागेश्वर महतो, ममता को तैनात किया है। निदेशक ने सीएमओ डॉ. एचके जोशी को सीएचसी के निरीक्षण के लिए निर्देशित किया है। इस पर सीएमओ ने प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ जल्द नियुक्त करने की बात कही है।