रुद्रपुर। जिले में बैंकों और एटीएम लूट की घटनाओं पर अंकुश लगा पाने में पुलिस पूरी तरफ फेल साबित हो रही है। बुधवार को खटीमा के निकट झनकट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना ने पुलिस की इस कमजोरी की एक बार फिर पोल खोल दी है।
ऊधमसिंह नगर में बैंक और एटीएम से जुड़ी लूट की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। सितंबर 2013 में बाजपुर रोड द्रोणसागर के सामने पीएनबी बैंक का एटीएम गैस कटर से काटकर बदमाश छह लाख रुपये उड़ा ले गए थे। मार्च 2014 को सिडकुल में आईसीआईसीआई के एटीएम में कैश डालने आए सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ पर फायरिंग कर 15 लाख रुपये की लूट हुइ। अगस्त 2014 को खटीमा मुख्य बाजार में हाइवे किनारे स्थित पीएनबी बैंक का एटीएम काटकर 24.46 लाख रुपये उड़ा लिए गए थे। सितंबर 2014 को किच्छा स्थित यूनियन बैंक के एटीएम को काटने का प्रयास हुआ तो मार्च 2015 को काशीपुर रोड स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक का एटीएम काटने का प्रयास के बाद तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह 24 जून 2015 को अशोक लीलैंड के सामने आइसीआइसीआइ बैंक के एटीएम को काटकर सात लाख रुपये उड़ाए गए। जुलाई 2015 में केलाखेड़ा में एटीएम तोड़कर चोरी का प्रयास तो जुलाई 2015 की रात ट्रांजिट कैंप में एसबीआइ के एटीएम को काटने का प्रयास। इसके साथ ही तीन अगस्त 2015 को काशीपुर में एक्सिस बैंक के एटीएम, सितंबर 2016 में दिनेशपुर कालीनगर में एटीएम, अप्रैल 2017 में ट्रांजिट कैंप में एसबीआई के एटीएम, 26 मार्च 2018 इंदिरा कालोनी स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम और वर्ष 2021 में गल्ला मंडी स्थित एटीएम को काटने का प्रयास किया गया।
झनकट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में हुई लूट की घटना के खुलासे के एसओजी समेत पांच टीमें गठित की गई हैं। बैंक में सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं था। इस घटना का शीघ्र खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। -मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, ऊधम सिंह नगर