रुद्रपुर। सर! दस्तावेज में छेड़छाड़ कर मेरा जाति प्रमाणपत्र बना आप उसे निरस्त कर दीजिए। यह बात स्कूटनी कमेटी के समक्ष गदरपुर के अल्लाउद्दीन ने कही। अलाउद्दीन ने 1988 की मतदाता सूची में हेरफेर करके राजकौर की जगह पर अपना नाम जोड़कर जाति प्रमाणपत्र बनाया था।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जनपदीय स्कूटनी कमेटी की बैठक हुई। इसमें नौ कथित जाति प्रमाणपत्रों की सुनवाई हुई। इस मौके पर किच्छा, जसपुर, बाजपुर और गदरपुर में कथित जाति प्रमाणपत्र बनाने वाले लोग उपस्थित हुए और उन्होंने अपना पक्ष रखा। बारी-बारी से नौ मामलों को सुना गया।
गदरपुर में रहने वाले अल्लाउद्दीन ने कमेटी के समक्ष यह बात स्वीकारी कि उसने गलत तरीके से जाति प्रमाणपत्र बनाया है। उसकी बात को सुनकर अधिकारी भी दंग रह गए। असल में गदरपुर एसडीएम ने उसकी गड़बड़ी पहले ही पकड़ ली थी जिसे स्कूटनी कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया।
इसी तरह कुछ लोगों ने सुनवाई के लिए एक और मौका मांगा। गलत जाति प्रमाणपत्र बनाने वालों के खिलाफ एडीएम के आदेश पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि सीएम के निर्देश पर पिछले पांच वर्षों में बने जाति व स्थायी प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है।
इस मौके पर गदरपुर एसडीएम ऋचा सिंह, बाजपुर एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, किच्छा तहसीलदार गिरीश त्रिपाठी, पटल प्रभारी सचिन काला, तहसीलदार लीना भट्ट मौजूद रहे।