काशीपुर। पीपीई किट और कोरोना भत्ता दिए जाने की मांग के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने सरकारी अस्पताल के पास प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा।
सोमवार को उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले कई आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पाल के मुख्य द्वार पर एकत्र हुईं। उन्होंने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आशाओं का कहना था कि उनका काम बहुत जोखिम भरा है।
अक्सर उन्हें कोरोना संक्रमितों के बीच रहना होता है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करती हैं।
इसके लिए उन्हें 10 हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। ज्ञापन देने वालों में संगठन की अध्यक्षा स्नेहलाता चौहान, कमलेश सैनी, शमा परवीन, चित्रा चौहान, सोनू शर्मा, सोनिया, मंजूवाला, ममता. सुधा शर्मा आदि थे। (संवाद)
विभिन्न मांगों को लेकर आशाओं ने किया सांकेतिक प्रदर्शन
बाजपुर/सितारगंज/जसपुर। कोविड काल में स्वास्थ्य सुरक्षा, कोरोना भत्ता सहित पांच मांगों के लिए आशाओं ने सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन सीएमएस डॉ. पंकज माथुर को सौंपा।
ज्ञापन में कोरोना की दूसरी लहर में दस हजार रुपये कोरोना भत्ता, 50 लाख का बीमा, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, ड्यूटी के दौरान सुरक्षा उपकरण, परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता पर कोविड वैक्सीन लगवाने की मांग की गई है। जल्द ही मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
इधर, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने भी आशाओं की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। वहां कुलविंदर कौर, मिवलेश, प्रेमारानी, मनोज, शशिवाला, अंजू, राजरानी, ज्योति, शहनाज परवीन आदि थीं।
इधर, सितारगंज में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की आशाओं ने प्रधानमंत्री औा स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मुक्ता मिश्र को सौंपा। वहां आशा हेल्थ वर्कस यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष सरमीन सिद्दीकी, सचिव दीपा राना, निर्वश कुमारी, सकीना राणा आदि थे। उधर, जसपुर में आशा कार्यकर्ताओं ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुंदर सिंह को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मधुबाला वर्मा, रूपा देवी, राधा रानी, उषा देवी, रुकमणी, रचना, अंजलि, ललिता आदि थीं। (संवाद)