बाजपुर। गांव कनौरा स्थित मदरसा गुलशन-ए-इस्लाम में बृहस्पतिवार देर रात विशाल तालीमी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान 17 विद्यार्थियों की दस्तारबंदी की गई। जलसे में तकरीरें मुफ्ती इमरान हनफी मुरादाबादी और मुफ्ती मोहम्मद सुलेमान अजहरी ने की। नात शरीफ मुफ्ती मोहम्मद लुकमान सकाफी और जलसे की सरफरस्ती मुफ्ती अनवारुल हक बरेलवी ने की।
मुफ्ती इमरान हनफी ने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में फैली हुई बुराइयों को खत्म करने का आह्वान किया। इस साल मदरसा गुलशन ए इस्लाम से 17 विद्यार्थी फारिग हुए। इनमें सात आलिम और दस मौलवी हुए विद्यार्थियों को दस्तारबंदी कर सम्मानित किया गया। जलसे का समापन मुफ्ती अनवर उल हक ने देश की शांति के लिए दुआएं की। वहां मदरसे के प्रबंधक मौलाना मो. शाकिर रज़ा, मौलाना मो. फारूक, मौलाना मो. रफी, कारी अब्दुल कादीर, मास्टर महमूद हुसैन, अफसर अली, नाजिर हुसैन सरकरा डॉ. मोहम्मद हनीफ, डॉ. शमशाद आदि थे।
शब-ए-बरात की रात अमन चैन की दुआ मांगी
सितारगंज। शब-ए-बरात की रात अल्लाह की इबादत कर देश में चैन अमन की दुआ मांगी। इशां की नमाज के बाद शहर की जामा मस्जिद समेत आसपास की सभी मस्जिदों में मुस्लिमों ने नमाज-ए-नफ्ल अदा की और कब्रिस्तान जाकर अपने पुरखों की कब्र पर फातिहा पढ़ उनकी मगफीरत की दुआ मांगी। मस्जिदों में इमामों ने शब-ए-बरआत की रात फजीलत बयां कर लोगों को गुनाहों से तौबा करने की नसीहत दी। कहा कि इस रात अल्लाह तआला गुनाहों को माफ फरमा देता है। शुक्रवार को रोजा रखा गया।