जैविक खेती करने से कम लागत में अधिक मुनाफा होता है। किसानों को जैविक खेती अपनानी चाहिए, जिससे उन्हें भी अच्छी उपज के साथ कम लागत में अधिक मुनाफा हासिल हो सके। पंतनगर कृषि एवं प्रोद्योगिक विश्वविद्यालय के 110वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि हरिद्वार के प्रगतिशील किसान रवि किरण सैनी ने यह बात कही।
बृहस्पतिवार को गांधी हाल सभागार में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि विवि की ओर से किसान मेले में उन्हें बुलाना गर्व की बात है। उनके बनाए भू-अमृृत ब्रांड से आज 657 जैविक किसान जुडे़ हुए हैं। उन्होंने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता के बीज, उत्तम पौध और पशु नस्ल का प्रयोग, कृषि के साथ कृषि आधारित सह व्यवसाय अपनाने, जल स्रोतों का खेती में उपयोग के उपाय ढूंढने, कृषि रसायनों के कम उपयोग, समन्वित खेती अपनाने पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल ने कहा कि पंतनगर किसान मेले में नेपाल सहित देश के हर जगह से किसान आते हैं। यहां के वैज्ञानिकों से तकनीकों और उन्नत बीजों की जानकारी लेकर उनका उपयोग खेती में करते हैं। किसानों को समूह बनाकर जैविक खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों और वैज्ञानिकों को साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि पंतनगर का मेला किसानों के लिए अधिक लाभकारी रहा है। किसान यहां से वैज्ञानिक तकनीकें और विधियों को अपनाकर अपनी आय में दोगुनी वृद्धि कर रहे हैं। कृषक जैविक खेती के साथ पशु और कुक्कुट पालन करके अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
इससे पूर्व मेले के उद्घाटन के बाद कुलपति डॉ. प्रताप ने अतिथियों को मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी व महाविद्यालयों के स्टॉलों का अवलोकन कराया।
अतिथियों ने विभिन्न कृषि साहित्यों का विमोचन भी किया। वहां निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार शर्मा, निदेशक शोध डॉ. एएस नैन, अधिष्ठात्री प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. अलकनंदा अशोक, मेला प्रभारी एवं निदेशक संचार डॉ. एसके बंसल व अन्य वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान, विद्यार्थी, शिक्षक व अधिकारी मौजूद थे।
किसान मेले में नौ प्रगतिशील किसान सम्मानित
पंतनगर। किसान मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि रवि किरण सैनी, विशिष्ट अतिथि किसान आयुक्त के उपाध्यक्ष राजपाल व कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने खेती में अभिनव प्रयोग करने और उल्लेखनीय सफलता के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों से चुने गए नौ प्रगतिशील किसानों को प्रतीक चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले किसानों में ग्राम मल्ला खतेड़ा चंपावत के भोपाल सिंह, ग्राम बाखरपुर हरिद्वार के ओमदत्त, ग्राम रियांसी पिथौरागढ़ की पुष्पा देवी, ग्राम ल्वाणी चमोली के महिपाल सिंह, ग्राम ज्योली नैनीताल के शेखर चंद्र भट्ट, ग्राम जस्सोवाला देहरादून के दिनेश गौड़, ग्राम भाटनयाल ज्यूला अल्मोड़ा के यशपाल नयाल, ग्राम कचनाल गाजी ऊधमसिंह नगर के कुलवंत सिंह व ग्राम बरसू रूद्रप्रयाग के विजय सेमवाल शामिल रहे। (संवाद)
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अपनी आमदनी बढ़ाकर अन्य महिलाओं को दिखा रहीं समृद्धि की राह
पंतनगर। घर के काम निपटाने के बाद महिलाएं मंडुवे से बिस्कुट और केक तैयार कर न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी समृद्धि की राह दिखा रही हैं। शांतिपुरी गांव की महिलाओं ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जागृति महिला समूह बनाया है। समूह में शामिल 13 महिलाएं मिलकर एक बेकरी सेंटर को संचालित करती हैं।
किसान मेले में जागृति महिला समूह के स्टॉल पर मौजूद कविता तिवारी ने बताया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में अब तक वह 25 से 30 हजार रुपये का बिजनेस कर चुकी हैं। महिला समूह द्वारा किसान मेले में लगाए गए स्टाल पर मंडुवे का आटा, बिस्किट, कैक, ड्राई केक, रेडी टू ईट पकोड़ा मिक्चर और उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित ऐपण कला से बनी पूजा थाल, नेम प्लेट, पूजा चौकी, शगुन के लिफाफे आदि की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो ग्राहकों को काफी पसंद आ रही है।
कविता ने बताया कि मंडुवे से बने खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। इसका सेवन करने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की भी समस्या नहीं होती है और यह काफी पौष्टिक भी होता है। बताया कि समूह को मंडुवे की आपूर्ति पहाड़ो के दूर दराज गांवों से होती है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत के किसानों से अनुबंध कर सीजन में दो से तीन क्विंटल मंडुआ खरीद कर लाया जाता है। जिसके बाद उसका आटा बना कर उसके बिस्कुट और ड्राई केक व केक तैयार किए जाते हैं।
पंतनगर किसान मेले में उद्यान प्रदर्शनी का अवलोकन करते अतिथि और कुलपति।- फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर में किसान मेले का उद्घाटन करते अतिथि रवि किरण सैनी, राजपाल और कुलपति।- फोटो : RUDRAPUR