विवि प्रशासन के साथ हुई समझौता वार्ता के बाद पंतनगर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने तीन दिन से जारी हड़ताल खत्म कर दी। शिक्षकों का कहना है कि आंदोलन एक महीने के लिए स्थगित किया गया है। एक माह में सहमति के बिंदुओं पर कार्यवाही नहीं हुई तो फिर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान हुई सामान्य बैठक में शिक्षक प्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ हुई वार्ता का ब्योरा रखा। उन्होंने वार्ता को सकारात्मक बताया। कई शिक्षकों का कहना था कि तीन दिन के आंदोलन के बाद भी शिक्षकों को कोई विशेष लाभ नहीं हुआ है। कार्यकारिणी ने आंदोलन के लिए उचित समय का चयन नहीं किया। सभी शिक्षकों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। भविष्य में आंदोलन पूरी तैयारी के साथ किया जाए। इस दौरान डॉ.पीएन सिंह, डॉ.टीपी सिंह, डॉ.अनूप कुमार सचान, डॉ.अजीत कर्नाटक, डॉ.एसके मलिक, डॉ. विद्यासागर सिंह आदि थे। मीटिंग के बाद अध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि सभी शिक्षक पूर्व की भांति शिक्षण कार्य करेंगे। अतिरिक्त समय में छूटी हुई कक्षाएं पूरी करेंगे और परीक्षाएं भी कराएंगे।
पंतनगर विश्वविद्याल शिक्षक समिति और पंतनगर विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुई वार्ता में 35 बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें कुछ ये हैं।
- भारतीय अनुसंधान परिषद और केंद्र सरकार की अन्य परियोजनाओं से वेतन आहरित कर रहे शिक्षकों को पेंशन दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव रखा जाएगा।
- पंत विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव विवि की तरफ से शासन को भेजा गया है। शिक्षक समिति के प्रतिनिधि और विवि प्रशासन के अधिकारी देहरादून जाकर पैरवी करेंगे।
- विभागाध्यक्षों की नियुक्ति तीन साल के लिए रोटेशन के आधार पर करने के लिए जरूरी कार्यवाही के लिए अधिष्ठाताओं को पुन: अनुस्मारक भेजे जाएंगे।
- विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पदों पर एक व्यक्ति एक पद की व्यवस्था के संबंध में विवि नियमों एवं परिनियमों के अनुरूप कार्यवाही होगी।
- राज्य सरकार के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों की भांति परिवार नियोजन भत्ता एक जनवरी 2006 से स्वीकृत दरों पर लागू किए जाने के लिए शासन को पुन: पत्र लिखा जाएगा।
- सामान्य भविष्य निधि की कटौतियां विलंब से कोषागार में जमा होने पर संबंधित कार्मिक को ब्याज की हानि नहीं होने दी जाएगी।
- जो शिक्षक केंद्र, राज्य सरकारों या पेंशनेबल संस्थानों में काम कर चुके हैं, उनके जीपीएफ खाते शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद खोले जाएंगे।
- शिक्षकों के शिक्षण भार को कम करने के लिए रिक्त पदों पर नियुक्तियों के लिए सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
- विश्वविद्यालय कर्मचारियों के आश्रित छात्र-छात्राओं के शुल्क में वृद्धि न करने के लिए एजूकेशन पॉलिसी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- निदेशक पद पर 60 साल से ऊपर के शिक्षकों की नियुक्ति प्रकरण को बोर्ड में रखा जाएगा।