प्रसव पीड़ा कराह रही महिला ने स्वास्थ्य कर्मियों की लेटलतीफी के कारण में कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया। नर्स ने कार में जन्मे बच्चे और उसकी मां को अस्पताल कक्ष में भर्ती कराया, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग, सीएम व सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
बृहस्पतिवार को बैगुल चुंगी निवासी बंगाली कालोनी निवासी सुब्रत विश्वास की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वह बस से लेकर उसे पीएचसी लेकर आ रहा था। रास्ते में दर्द अधिक बढ़ने पर वह बस से उतर गया। झाड़ियों में शौच होकर आई गर्भवती महिला के दर्द कम होने पर उसने राहगीरों से मदद मांगी।
इस पर सितारगंज से घर लौट रहे भाजपा पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक किशोर राय ने उसे अपनी कार से पीएचसी पहुंचाया और नर्स को मामले की जानकारी दी। जानकारी के बाद भी 20 मिनट तक नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मी के अस्पताल न आने पर गर्भवती महिला ने कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद नर्स सविता सिंह अस्पताल पहुंची और कार में जन्मे बच्चे व महिला को अस्पताल कक्ष में भर्ती किया।
यहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस पर भाजपाइयों ने किशोर राय के नेतृत्व में अस्पताल में हंगामा काटा और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। राय ने कहा कि एक तो डाक्टरों का टोटा है और ऊपर से स्वास्थ्य कर्मी भी इलाज में लापरवाही बरत रहे हैं।
भाजपाइयों ने विभाग, राज्य सरकार व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इधर, नर्स सविता ने बताया कि मरीज के आने की सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंच गई। गर्भवती महिला ने सात माह के बच्चे को जन्म दिया। जिसकी हालत नाजुक थी। वहां पर दीपक विश्वास, श्यामल सरकार, भगवान पांडे, धीरज मंडल, डा. विनय मंडल, विजय साहनी, दारा सिंह, सुमंत, राजनारायन मल, अजीत हीरा आदि थे।