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Udham Singh Nagar News: पांच दिन मौत से लड़ने के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया विवेक

Mon, 15 Dec 2025 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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पंतनगर। विवि के छात्रावास में अवसाद के चलते आत्मघाती कदम उठाने वाला बीटेक का छात्र पांच दिन मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार रात आखिरकार जिंदगी की जंग हार ही गया। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रविवार को किच्छा स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
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पंतनगर विवि के रजत जयंती भवन में सोमवार सुबह बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र अक्षत सैनी का शव पंखे से लटका मिला था। लोग इस सदमे से उबरे भी नहीं थे कि सोमवार को रात करीब 10.30 बजे विश्वेश्वरैया भवन के कमरा नंबर-61 में बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फाइनल इयर के छात्र विवेक कुमार आर्या (22) ने भी फंदे से लटककर जान देने का प्रयास किया था। साथी छात्राें को इसकी भनक लगी तो उन्होंने दरवाजे की कुंडी तोड़कर उसे बचाया। वार्डन व अन्य अधिकारियों को सूचना देकर छात्र उसे आनन-फानन विवि चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन वार्डन डाॅ. वीएस सैनी, डीएसडब्ल्यू डॉ. आनंद सिंह जीना और एडीएसडब्ल्यू डॉ. राजीव रंजन छात्र को गंभीर हालत में रुद्रपुर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और उसके परिजनों को सूचना दी।
अस्पताल में उसका सिटी स्कैन और दो बार एमआरआई भी हुआ लेकिन विवेक अचेतावस्था में आईसीयू में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ता रहा और अंततः शनिवार रात 11.20 बजे उसने दम तोड़ दिया। विवि में निरंतर हो रही इन घटनाओं ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई के दबाव और काउंसिलिंग व्यवस्था की पोल खोल दी हैं।
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भाई-बहन ने भी पंतनगर से ली है बीटेक की डिग्री

नैनीताल जिले के ब्यासी गांव निवासी जगदीश आर्या किच्छा के गल्ला मंडी में कार्यरत होने के चलते किच्छा की पुरानी गल्ला मंडी में ही पत्नी हिना आर्या, पुत्री तनुजा आर्या और दो पुत्रों अभिषेक आर्या व विवेक आर्या के साथ रहने लगे थे। उनके पालन पोषण का ही असर रहा कि उनके तीनों बच्चे पढ़ने में अच्छे निकले। बड़ा पुत्र अभिषेक और पुत्री तनुजा ने भी पंत विवि से ही बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और इस समय अच्छी नौकरी में हैं। संवाद




विवेक के इलाज में किया सहयोग

निजी अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रहे विवेक के इलाज में पांच दिनों में लंबा खर्च आया है। परिजन वहन करने में सक्षम नहीं थे। बहन तनुजा ने छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एल्यूमिनाई) में आर्थिक सहयोग की मार्मिक अपील की। इसके बाद विवि प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों ने विवेक के लिए हरसंभव आर्थिक मदद की थी लेकिन सबका यह प्रयास भी काम नहीं आया और वह जिंदगी की जंग हार गया।




छात्रावास में हुई शोकसभा

रविवार को विवेक की मौत की खबर पंतनगर पहुंचते ही छात्रों और शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह 10 बजे विश्वेश्वरैया भवन में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें डीन और चीफ वार्डन डाॅ. एसएस गुप्ता, डीएसडब्ल्यू डाॅ. एएस जीना, एडीएसडब्ल्यू डाॅ. राजीव रंजन, वार्डन डाॅ. वीएस सैनी और विभिन्न छात्रावासों के छात्रों ने विवेक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा बहुत से छात्र किच्छा पहुंचे और विवेक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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