रुद्रपुर। मशरूम की खेती महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक नया मार्ग बन रही है। जिले के तमाम विकासखंड़ों में महिलाएं इससे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रही हैं। प्रदेश सरकार की ओर से भी मशरूम उत्पादन के लिए किसानों को 60 फीसदी से अधिक धनराशि का अनुदान और महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जिले में 100 से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर मशरूम की खेती कर रही हैं।
छतरपुर क्षेत्र में सूर्या स्वयं सहायता समूह का संचालन कर रही रीना बताती हैं कि समूह की कई महिलाएं मशरूम की खेती कर स्वरोजगार कर रही हैं। विभिन्न प्रकार के मशरूम अलग-अलग मौसम में उगाए जा सकते हैं जिससे आय का निरंतर स्रोत बना रहता है। शिव शंकर स्वयं सहायता समूह की दीपा बताती हैं कि इससे कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। समूह की महिला सदस्य इस कारोबार से जुड़कर अपने परिवार का सहारा बनी हैं। अब मशरूम की खेती से सभी की आर्थिक दशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं।
राज्य सरकार की ओर से महिला समूहों को मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। मशरूम की खेती लाभकारी है जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है। - सुशील मोहन डोभाल, डीडीओ