नेस्ले कंपनी के उत्पाद मैगी पर उठे विवाद के बाद इसके नमूनों की जांच की बाढ़ सी आ गई है। मात्र दो सप्ताह के अंदर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 50 सैंपल खाद्य एवं औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला जांच के लिए पहुंच चुके हैं। इनमें से कुछ नमूनों की रिपोर्ट तीन दिन में आने की संभावना है।
नेस्ले कंपनी के उत्पाद मैगी को लेकर इस समय देश भर में विवाद उठा हुआ है। इसके बाद राज्य सरकार ने गुरुवार से ही सिडकुल स्थित फैक्ट्री में उत्पादन व रोक बिक्री पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने भी शुक्रवार को फैक्ट्री में उत्पादन की जांच कर स्टाक को सील करा दिया। साथ ही कंपनी के अधिकारियों को माल वापस आने पर प्रतिदिन प्रशासन को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
देश के विभिन्न हिस्सों में मैगी के सैंपल फेल होने के बाद यहां राजकीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला में भी बड़ी संख्या में मैगी के नमूने जांच के लिए आ रहे हैं। शनिवार तक प्रयोगशाला में केवल मैगी के 50 नमूने पहुंच चुके हैं। यह संख्या दो सप्ताह से भी कम समय में दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि विवाद उठने से पहले प्रदेश भर से साल भर में औसतन दस सैंपल मैगी के आते थे। खाद्य विश्लेषक राजीव शर्मा ने बताया कि मैगी के नमूनों की जांच चल रही है। इनकी रिपोर्ट दो तीन दिन में आने की संभावना है।