काशीपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में शुल्क अधिक होने के कारण छात्र-छात्राएं प्रवेश कराने से मोह मोड़ने लगे हैं। इस कारण से वह राज्य सरकार के पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले रहे हैं। काशीपुर समेत उत्तराखंड के नौ केंद्रों पर जनवरी सत्र में कम प्रवेश हुए हैं।
दरअसल, वर्ष 2012 में राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इग्नू की ओर से अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। उस समय कुछ विषयों के साथ बीए, एमए, बी.कॉम की सुविधा शुरू की गई थी। युवाओं का रुझान बढ़ने पर 35 पाठ्यक्रम बढ़ाकर 2016 से केंद्र को विधिवत रूप संचालित कर दिया गया। वर्तमान में 43 कोर्स संचालित हो रहे हैं। प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई दो सत्रों में प्रवेश होते हैं। इन केंद्रों में शुल्क अधिक होने के कारण विद्यार्थी प्रवेश कराने से कतराने लगे हैं। वह राज्य सरकार के कोर्सों में प्रवेश ले रहे हैं। उत्तराखंड के कुल 20 केंद्रों में से नौ केंद्रों पर इस बार जनवरी 2025 सत्र की अपेक्षा प्रवेश कम हुए हैं। संवाद
50 फीसदी देना होगा शुल्क
जनवरी 2025-26 सत्र में एससी-एसटी के विद्यार्थियों को अब प्रवेश के समय 50 फीसदी शुल्क देना होगा। अभी तक इस वर्ग के छात्रों को निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था। इससे भी विद्यार्थियों का मोह भंग होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
ऐसे समझे
शहर जनवरी 2026 में अभी तक प्रवेश जनवरी 2025
डीएवी देहरादून 894 1127
हल्द्वानी 246 266
पिथौरागढ़ 114 145
कोटद्वार 43 46
नैनीताल 44 59
रुद्रपुर 40 48
काशीपुर 35 51
डाकपत्थर 23 25
चंपावत 25 34
कोट
राज्य सरकार के कोर्सेज की अपेक्षा इग्नू में कुछ शुल्क अधिक है। इस कारण से भी इग्नु में छात्र-छात्राओं की संख्या कम होने की संभावना है। प्रवेश बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। काशीपुर में जनवरी 2026 सत्र में 28 फरवरी तक प्रवेश होंगे हैं। - डॉ. अमादुद्दीन अहमद, समन्वयक, अध्ययन केंद्र इग्नू काशीपुर