रुद्रपुर। जिले में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक ही सीमित होकर रह गई है। पंतनगर से लेकर रुद्रपुर के पहाड़गंज तक सैकड़ों परिवारों को बेदखली के नोटिस दिए गए थे लेकिन महीनों बाद भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
पंतनगर: नोटिस के बाद सियासत में फंसी कार्रवाई
पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अप्रैल और जून में संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी के 800 परिवारों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया। विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला अतिक्रमणकारियों के समर्थन में उतर आए। बताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते ही प्रशासन ने कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
पहाड़गंज: नोटिस चस्पा कर भूला प्राधिकरण
रुद्रपुर के पहाड़गंज में नजूल और सीलिंग की भूमि पर बने 199 अवैध भवनों को जिला विकास प्राधिकरण ने चिह्नित किया था। तीन जून को प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय खुद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे और 15 दिन में कार्रवाई की बात कही थी। चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन आज तक एक भी ईंट नहीं हटी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।
कोट
अतिक्रमण हटाना हमारी प्राथमिकता है। पंतनगर और पहाड़गंज दोनों मामलों में लोगों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया था। जल्द कार्रवाई करेंगे। किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -पंकज उपाध्याय, एडीएम और सचिव प्राधिकरण।
फोटो-25आरडीपी02पी- रुद्रपुर के पहाड़गंज में दलबल के साथ पहुंचे थे एडीएम पंकज उपाध्याय। फाइल फोटो