सिंचाई नहर में फैक्ट्रियों का जहरीला पानी गिरना जारी है। प्रशासन की जांच में भी नहर दूषित पाई गई है। इसके लिए प्रशासन द्वारा फैक्ट्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके लिए तहसीलदार ने कार्रवाई की संस्तुति कर एसडीएम को रिपोर्ट भेजी है।
बता दें कि बीते दो माह से सिंचाई माइनर (अपर बैगुल नहर) में सिडकुल की फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी गिर रहा है। दूषित पानी की वजह से करीब आधा दर्जन से अधिक गांव संक्रामक रोग की चपेट में आ गए हैं। बीते सोमवार को नहर का पानी इतना जहरीला हो गया कि केमिकल युक्त पानी से नहर से 20 फीट ऊंचे झाग के पहाड़ बन गए थे और पानी में बजबजा रहे कीड़े पेड़, पत्तों और सड़क पर रेंगने लगे थे। ग्रामीणों के विरोध पर तहसीलदार ने मुआयना कराकर मामले की जांच कराई। मंगलवार को तहसीलदार रमेश चंद्र गौतम ने जांच रिपोर्ट में खुलासा करते हुए बताया कि जहरीले पानी से नहर दूषित हुई है। इसके लिए फैक्ट्रियों को सीआरपीसी की धारा 135 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बताया कि फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल को भेजी है।