खटीमा। देशभर में हो रहे पेपर लीक के मामलों व उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेपर लीक के विरोध में शनिवार शाम विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकला। देवभूमि धर्मशाला से पुराने बस स्टैंड होते हुए शहीद स्मारक स्थल तक निकले जुलूस में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं व आम नागरिकों ने भाग लेकर युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध आवाज बुलंद की।
विधायक कापड़ी ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक कराने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दोषियों को कठोर सजा दिलानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ ऐसा अन्याय न हो। शहीद स्मारक पर नीट परीक्षा विवाद के बाद देशभर में आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहां पर उमेश राठौर, नरेंद्र आर्य, जसविंदर बाजवा, विक्रम सिंह, नवीन जोशी, विनोद चंद, सतपाल राणा, बीना राणा, शांति सामंत आदि थे।
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कांग्रेसियों ने निकाला विजय जुलूस, छात्रों की जीत बताई
काशीपुर/जसपुर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक पर देशभर में युवा आक्रोश और दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विजयी जुलूस निकाला।
कमेटी की महानगर अध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में कांग्रेसी शनिवार की शाम को महाराणा प्रताप चौक पर एकत्र हुए। यहां से कांग्रेसियों ने रतन सिनेमा रोड, कोतवाली के सामने से होते हुए महाराणा प्रताप चौक विजयी जुलूस निकाला। कांग्रेसियों ने जुलूस समापन के बाद मुख्य चौराहे पर आंदोलन के दौरान एक छात्रा की मौत पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां पर अनुपम शर्मा, मुशर्रफ हुसैन, विमल गुड़िया, दीपिका गुड़िया आत्रेय, जितेंद्र सरस्वती, मनोज जोशी, सरित चतुर्वेदी आदि रहे। वहीं दूसरी ओर, जसपुर में कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान एवं नगर अध्यक्ष हाजी मोहम्मद नाजिम के नेतृत्व में विजय जुलूस निकाला। वहां ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र गहलोत, राहुल गहलोत, सुखबीर सिंह भुल्लर, मोईनुद्दीन, धर्मेंद्र कुमार, महबूब, मोहम्मद इख्तियार, सर्वेश सिंह, राहुल, हरपाल सिंह आदि रहे।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में निकाला कैंडल मार्च
रुद्रपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रुद्रपुर में कांग्रेसियों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शनिवार देर शाम जिला कांग्रेस के आह्वान पर कांग्रेसी भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद हाथ में कैंडल लेकर मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार अपनी गलती मान चुकी है। प्रदर्शन के आगे धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी, पुष्कर राज जैन, डॉ. अजय सिंह, शिवपद सरकार, इंद्रजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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आज रुद्रपुर में नहीं होगा छात्रों का प्रदर्शन
रुद्रपुर। जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर गांधी पार्क में रविवार को होने वाला प्रदर्शन नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बाद उन्होंने प्रदर्शन का फैसला वापस ले लिया है। इस संबंध में शनिवार देर शाम छात्रसंघ अध्यक्ष रजत बिष्ट व अन्य ने बैठक भी की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से पहले रुद्रपुर में आप का प्रदर्शन
रुद्रपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले शनिवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने रुद्रपुर में प्रदर्शन किया। दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्र मार्च पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह चौक से बाटा चौक होते हुए गल्ला मंडी तक मार्च निकाला और केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष व्यापारी ने कहा कि छात्र अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई की गई जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए इसकी निंदा की। कुमाऊं क्षेत्रीय अध्यक्ष जसपाल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की छात्रों पर अमर्यादित टिप्पणी निंदनीय
काशीपुर। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष रवि छाबड़ा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की ओर से छात्रों के संबंध में की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। जारी बयान में कहा कि छात्रों की पहली बड़ी जीत को भाजपा नेतृत्व शायद स्वीकार नहीं कर पा रहा है। इसी कारण प्रदेश अध्यक्ष की ओर से छात्रों के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया वह अत्यंत अशोभनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। यदि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से ऐसी टिप्पणी हुई है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।