किसान सहकारी क्रय केंद्रों पर ए-ग्रेड के बजाय सामान्य श्रेणी का धान बेचना अधिक पसंद कर रहे हैं। जिले के विभिन्न सहकारी क्रय केंद्रों पर अब तक सामान्य श्रेणी का एक लाख 48 हजार 250 क्विंटल धान बिक गया है, जबकि ए-ग्रेड का धान सिर्फ 5600 क्विंटल ही बिका है।
सरकार ने धान खरीद नीति में इस बार सामान्य धान का मूल्य 2183 रुपये और ए-ग्रेड धान का मूल्य 2203 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन क्रय केंद्रों सामान्य श्रेणी के धान की आवक ही अधिक हो रही है। तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क कहते हैं कि कई क्रय केंद्रों पर किसानों का ए-ग्रेड का धान भी सामान्य धान के मूल्य पर खरीद लिया जाता है। अधिकतर किसानों को उसके ए-ग्रेड का धान की जगह सामान्य धान का ही भुगतान होता है। किसानों का आर्थिक शोषण होता है, यही वजह है कि किसान सामान्य धान को ही क्रय केंद्रों पर अधिक बेचते हैं।
एमएसपी में वृद्धि का भारत किसान संघ ने किया स्वागत
भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री कुंवरपाल सिंह दहिया ने अनाजोेें के न्यूनतम समर्थन मूल्य के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 150 रुपये, जौ के 115, चना के लिये 105, मसूर दाल के लिये 425, रेपसीड व सरसों के लिए 200 व कुसुम के समर्थन मूल्य में 150 रुपये की वृद्धि की है। उन्होंने कहा है कि लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य की दिशा में समर्थन मूल्य में बढ़त किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए ठोस कदम है।
देशभर में बिकेगा उत्तराखंड का मोटा अनाज : डॉ. अनिल
रुद्रपुर। उत्तराखंड मंडी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि उत्तराखंड का मोटा अनाज अब देशभर में बिकेगा। पंचकूला में आठ राज्यों के मंडी परिषद एवं विपणन बोर्ड के अध्यक्षों की बैठक में प्रतिभाग कर लौटे डब्बू ने कहा कि सभी राज्यों में सहमति बनी है कि जरुरत पड़ने पर वह किसानों के हित में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। इस सहयोग से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के छोटे किसानों को बहुत फायदा होगा। मोटे अनाज को उचित कीमत पर खरीद कर पूरे देश में बेचा जा सकेगा सकेगा।
कुंडा तौल केंद्र पर बना शौचालय बदहाल
धान खरीद केंद्र कुंडा में अब तक 717.2 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। केंद्र में क्षेत्र के 40 किसान पंजीकृत हैं, इनमें से 12 किसान अपना धान तुलवा चुके हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार सुबह 11:30 बजे यूसीएफ के सहकारी क्रय विक्रय समिति केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया। केंद्र पर दो कर्मी केंद्र प्रभारी राजीव कुमार और हर्षित मौजूद थे।
उन्होंने बताया केंद्र सुबह नौ से शाम पांच बजे तक खुलता है। लगभग 12:30 बजे तक केंद्र पर एक भी किसान धान तुलवाने नहीं पहुंचा। केंद्र पर बना शौचालय बदहाल स्थिति में था। जिसकी सीट चोक थी, गंदगी के साथ ही पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। बताया कुछ समय पहले अज्ञात लोग शौचालय से टंकी, नल आदि सामान चोरी कर ले गए थे। तब से शौचालय ऐसा ही पड़ा है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अब तक अधिकतम 15.2 प्रतिशत नमी का धान पहुंचा है। केंद्र को मिले 3000 बारदाना में से 1793 का इस्तेमाल हो चुका है। संवाद
यह थीं व्यवस्थाएं
केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए खाट, बैंच और कुर्सियां उपलब्ध थी। साथ ही केंद्र पर एक कमरा है। किसानों के पीने के लिए मटका में पानी की व्यवस्था थी। साथ ही केंद्र पर लगा हैंडपंप भी चालू हालत में मिला। नमी मापक यंत्र और तौलने की मशीन भी सही अवस्था में पाई गई। छलने के लिए पंखे की व्यवस्था की गई है।
कुंडा केंद्र के शौचालय को एक-दो दिन में सही करा दिया जाएगा। मंडी समिति किसानों की सुविधा का ध्यान रखती है। इसके अलावा अन्य सभी व्यवस्थाओं पर ध्यान रखा जा रहा है।
-दिनेश चंद्र आर्य, एसएमओ।