काशीपुर। मानसून शुरू होते ही निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से घर बनाने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। बढ़ती लागत के कारण कई लोगों ने फिलहाल निर्माण कार्य भी रोक दिए हैं।
पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत ऊधमसिंह नगर में 30 जून से 30 सितंबर तक नदी तल से रेत, बजरी और बोल्डर के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे इन निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता घट गई है और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
बारिश के कारण ईंट भट्टों तक मिट्टी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके चलते ईंटों के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि सीमेंट, सरिया और शटरिंग की कीमतों में फिलहाल कोई विशेष बदलाव नहीं आया है।
निर्माण सामग्री कारोबारी मोहम्मद हनीफ ने बताया कि मानसून में खनन बंद होने से रेत, बजरी और बोल्डर की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसी वजह से इनके दाम बढ़ जाते हैं। सिविल कॉन्ट्रेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में लोग निर्माण कार्य भी कम कराते हैं। इस दौरान निर्माण सामग्री के दाम सामान्य दिनों की तुलना में 10 से 15 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ जाते हैं।
महंगा हुआ घर का सपना
सामग्री
पहले
अब
रेत
65 रुपये/क्विंटल 75 रुपये/क्विंटल
बजरी
65 रुपये/क्विंटल 80 रुपये/क्विंटल
बोल्डर
60 रुपये/क्विंटल 70 रुपये/क्विंटल
ईंट
6,500 रुपये/हजार 8,000 रुपये/हजार
टाइल्स
—
30 से 40 प्रतिशत तक महंगी