काशीपुर। राजकीय पॉलिटेक्निक के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों ने रोबोट को मोबाइल फोन या कंप्यूटर के जरिए संचालित होने वाला रोबोट तैयार किया है। भविष्य में इसमें कैमरा, सेंसर और बेहतर ग्रिपिंग सिस्टम जोड़कर इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद यह उद्योग, घर और संस्थानों में निगरानी तथा वस्तुओं को पकड़ने जैसे कार्यों में उपयोगी साबित हो सकता है।
सीएस एंड इंजीनियरिंग ट्रेड के छात्र हर्ष, दीपांशु, गुंजन, रोहित बिष्ट, राहुल रावत, देव प्रताप और कार्तिक ने 55 दिनों में रोबोट तैयार किया है। रोबोट की बॉडी के सभी हिस्सों का डिजाइन छात्रों ने स्वयं तैयार किया और उन्हें 3डी प्रिंटर की मदद से बनाया। इसके बाद सभी हिस्सों को जोड़कर रोबोट का ढांचा तैयार किया गया। इससे विद्यार्थियों को 3डी डिजाइनिंग और प्रिंटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी मिला।
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ऐसे करता है काम
रोबोट का मुख्य नियंत्रण ईएसपी32 इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर से होता है। यह वाई-फाई के माध्यम से मोबाइल या कंप्यूटर से भेजे गए कमांड प्राप्त करता है। छात्रों ने इसके लिए वेब आधारित कंट्रोल सिस्टम तैयार किया है। इसे मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में खोलकर रोबोट को नियंत्रित किया जा सकता है। रोबोट को पावर देने के लिए 7.4 वोल्ट की बैटरी और वोल्टेज कन्वर्टर लगाया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को उनकी आवश्यकता के अनुसार वोल्टेज उपलब्ध कराता है।
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बॉडी और मैकेनिकल ढांचा खुद डिजाइन किया
विभाग की शिक्षिका नेहा बोरा ने बताया कि छात्रों ने बाजार से तैयार पार्ट्स को जोड़कर रोबोट नहीं बनाया, बल्कि उसकी बॉडी और मैकेनिकल ढांचे का डिजाइन स्वयं तैयार किया। इस दौरान उन्होंने 3डी मॉडलिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग, मोटर कंट्रोल, प्रोग्रामिंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों का प्रयोगात्मक ज्ञान हासिल किया। रोबोट के पार्ट्स ऑनलाइन मंगाए गए और इसे तैयार करने में करीब साढ़े 10 हजार रुपये की लागत आई।
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इनका हुआ प्रयोग
रोबोट को चलाने और दिशा बदलने के लिए मोटर और व्हील लगाए गए हैं। मोटरों के सुचारू संचालन के लिए एल298एन मोटर ड्राइवर का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मुख्य रूप से ईएसपी32, 3डी प्रिंटेड बॉडी, डीसी मोटर, एमजी996आर सर्वो मोटर, एल298एन मोटर ड्राइवर, व्हील्स, बैटरी और बक कन्वर्टर का इस्तेमाल किया गया है।