कुंडेश्वरी स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में 9वें बैच के विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दो दिवसीय उद्घाटन कार्यक्रम में निदेशक प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा कि आईआईएम काशीपुर ने शिक्षा क्षेत्र, समावेशी विकास और विविधता में अलग मुकाम हासिल किया है। तराई में स्थित होने के कारण काशीपुर आईआईएम का वातावरण प्रदूषण के लिहाज से बड़े शहरों के बिजनेस स्कूलों की तुलना में बेहतर है।
प्रो. बलूनी ने दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ बृहस्पतिवार को किया। इसका समापन शुक्रवार को हुआ। उन्होंने बताया कि एमबीए प्रोग्राम के लिए 255 छात्रों को शामिल किया गया है। महिला छात्रों के प्रतिनिधित्व में पिछले बैच की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई, जो उत्साहजनक है। एमबीए के नए बैच में विभिन्न विषयों जैसे भौतिकी, लेखा, गणित, होटल और पर्यटन प्रबंधन आदि के साथ 13 राज्यों की छात्राओं का एक स्वस्थ प्रतिनिधित्व है।
संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी सीटें मिली हैं। एक विदेशी महिला को भी दाखिला दिया गया है। 22 राज्यों के पुरुष छात्रों का प्रतिनिधित्व भी आईआईएम काशीपुर में है। पहाड़ी राज्य में स्थित होने के बावजूद आईआईएम काशीपुर में देश के दक्षिणी हिस्सों के 20 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया। आईआईएम से अब तक प्रमुख सरकारी और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में सौ फीसदी प्लेसमेंट हुआ है, जो संस्थान की उद्यमशील भावना का प्रतीक है।
यह नवाचार और उद्यमिता विकास के लिए नवगठित फाउंडेशन, डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर कौशल विकास, उद्यमशीलता का प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में एक्सिस वेंचर्स के अध्यक्ष गोपाल कृष्णन ने तकनीकी नवाचार के बारे में जानकारी दी।