नानकमत्ता। ऑस्ट्रेलिया में अच्छी नौकरी लगवाने का सब्जबाग दिखाकर फर्जी ट्रैवलर एजेंट ने युवक के परिजनों से 7.35 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने युवक को श्रीलंका और मलयेशिया भेजा। मलयेशिया में युवक डेढ़ माह तक फंसे रहने के बाद किसी तरह घर लौट सका। परिजनों ने जब अपने दिए रुपये मांगे तो आरोपी धमकी देने लगा। युवक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिचई गांव निवासी श्याम सिंह ने कोतवाली पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया कि गांव टुकड़ी निवासी बेअंत सिंह ने उसके भाई गोविंद सिंह को आठ लाख रुपये में ऑस्ट्रेलिया भेजकर अच्छी नौकरी लगवाने का सब्जबाग दिखाया और उसके भाई का ओरिजिनल आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्थायी प्रमाणपत्र, हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट ले ली। उसने दो जुलाई 2024 को बेअंत सिंह को ढाई लाख रुपये नकद दिए।
बेअंत सिंह ने वीजा दिखाते हुए कहा कि वीजा आ गया है, रुपये का इंतजाम करो। उन्होंने उसके बाद उसके बताए खाते में विभिन्न तारीख में कुल 4.85 लाख रुपये ट्रांसफर किए। बेअंत ने उसके भाई को श्रीलंका और मलयेशिया होते हुए ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही। 17 अक्तूबर 2024 को आरोपी ने उसके भाई को श्रीलंका भेजा और एक दिन के बाद बुला लिया। छह नवंबर 2024 को उसे मलयेशिया भेजा जहां वह डेढ़ महीने तक फंसा रहा। किसी तरह वह भारत लौटा। यहां आकर पता लगा कि ऑस्ट्रेलिया का वीजा फर्जी है। कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।