निजी बस फूंकने का प्रयास व पुलिस चौकी मे पथराव के एक मामले मे मुकदमा झेल रहे 64 लोगो को राहत मिली है। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा और उनके पुत्र सौरभ बहुगुणा के प्रयासों से गृह मंत्रालय ने मुकदमा वापसी का निर्णय लिया है। पीड़ितों ने सौरभ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की शीघ्र ग्रामीण उनका अभिनंदन करेंगे। आरोप है कि इस मामले मे कुछ तथाकथित नेता श्रेय लेने का प्रयास कर रहे है, जिनकी मंशा को किसी भी सूरत मे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 2007 में एक निजी बस की चपेट मे आकर बैकुंठपुर निवासी विवाहिता की किच्छा मार्ग पर मौत के बाद उत्तेजित भीड़ ने पुलिस चौकी मे पथराव के बाद बस को फूंकने का प्रयास किया था। जिस पर तत्कालीन कोतवाल जेसी पाठक की तहरीर पर करीब 12 महिलाओं समेत 65 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इनमें से एक नामजद बासुदेव राय की गत वर्ष मौत हो चुकी है। मुकदमा वापसी के लिए बैकुंठपुर के ग्रामीणों ने विजय बहुगुणा और सौरभ बहुगुणा से गुहार लगाई थी। उनकी पहल पर गृह सचिव विनोद शर्मा ने तत्कालीन डीएम को पत्र भेज शासन द्वारा मुकदमा वापस लिए जाने की जानकारी दी ।आठ साल बाद मुकदमा वापस लिए जाने से जहां पीड़ितों मे खुशी का माहौल है वहीं, ग्रामीण बहुगुणा का शीघ्र नागरिक अभिनंदन भी करेंगे। वहां पर गोविंद तालुकदार, परेश मंडल, प्रकाश हालदार, विजय मंडल, प्रमोद हालदार, प्रशंकर हालदार, जतीन गोलदार, ममता हालदार, जगन्नाथ तालुकदार, राकेश राय, बसंती सरकार, अंजलि मंडल, सुकुमार घोष, साबित्री मंडल, सतनाम हालदार, कल्याण हालदार, आशु साना, किशोर सरकार, संजय सरकार, बाबूराम मंडल, सुभाष हालदार, सुरभि मंडल, अरुण मंडल, राजेश मंडल आदि थे ।