काशीपुर। एनएच-74 के निर्माण में जहां एक ओर अधिकारियों ने कृषि भूमि को अकृषि दिखाकर करोड़ों रुपया बांट दिया और कई अधिकारियों की गर्दन अब कानून के पंजे में है। वहीं, दूसरी और एनएच अधिकारी बिना मुआवजा बांटे एक कॉलोनी में से सड़क बना रहे हैं। इससे 28 परिवार सड़क पर आ जाएंगे। इसके विरोध में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर बिना मुआवजे बांटे सड़क नहीं बनने देने की चेतावनी दी।
मंगलवार को ग्राम बांसखेड़ा कलां तहसील काशीपुर के दर्जनों लोगों ने बिना मुआवजे का भुगतान किए उनकी आवासीय कॉलोनी की भूमि पर जबरन सड़क बनाने के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि एनएच-74 पर काशीपुर बाइपास के नाम से कुंडा-सुल्तानपुर पट्टी मार्ग बन रहा है। इसमें बास खेड़ा कला कॉलोनी के 28 परिवारों के कच्चे-पक्के मकान आ रहे हैं। अधिकारी मात्र 20 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दे रहे हैं, जो निर्धारित सर्किल रेट से काफी कम है। चेतावनी दी कि जब तक डीएम द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा नहीं दिया जाता, सड़क नहीं बनने दी जाएगी। बताया कि सभी प्रभावित भूमिहीन परिवार हैं। प्रदर्शन करने वालों में आदिल, मेहंदी हसन, मोहम्मद शरीफ, असगर अली, शाहजहां, फारूख, सैयद हसन, यामीन, फारुख, हाजरा आकिद थे।