भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दोपहिया और चौपहिया वाहनों पर सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले बंपर गार्ड और लेग गार्ड पर पाबंदी लगा दी है। बंपर गार्ड लगे वाहनों को असुरक्षित मानते हुए मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। एआरटीओ प्रशासन ने आदेश मिलने की पुष्टि करते हुए ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने की बात कही है।
आमतौर पर हादसों से बचाव के लिए चौपहिया वाहनों ट्रक, टेंपो, कार और विक्रम के अगले और पिछले हिस्से में वाहन स्वामी बंपर गार्ड लगवाते हैं। इसके अलावा बाइकों पर भी लेग गार्ड लगाए जाते हैं, जो कि लोहे या स्टील के होते हैं। यह बंपर गार्ड वाहनों के शोरूम के अलावा दुकानों में भी आसानी से मिल जाते हैं। बंपर गार्ड और लेग गार्ड का वाहनों में धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है। कई वाहनों में तो बंपर गार्ड ढांचे से बाहर निकले होते हैं। बताया जा रहा है कि लगातार हो रहे हादसों की वजह बंपर गार्ड को भी माना गया है। वाहनों में लगे बंपर गार्ड से न सिर्फ टकराने वाले बल्कि वाहन में बैठे लोगों के लिए घातक माना गया है। इसी को देखते हुए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने बंपर गार्ड वाले वाहनों को असुरक्षित करार दिया और इसे मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 52 का उल्लंघन बताया है।
मंत्रालय के डायरेक्टर प्रियांक भारती ने सभी प्रदेशों के प्रमुख सचिव परिवहन और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पत्र भेजकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एआरटीओ प्रशासन नंदकिशोर ने बताया कि परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश की कॉपी मिल गई है। बंपर गार्ड या लेग गार्ड लगे वाहनों के खिलाफ मोटर यान अधिनियन 1988 की धारा 190 और 191 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसको लेकर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। धारा 190 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना या तीन महीने की सजा और दोनों हो सकते हैं। धारा 191 के तहत पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
बंपर गार्ड से पहुंचती है ज्यादा चोट
रुद्रपुर। एआरटीओ प्रशासन नंदकिशोर ने बताया कि कंपनियां गाड़ियों का निर्माण इस प्रकार करती हैं कि यदि उससे कोई टकराए तो कम चोट पहुंचे। लेकिन, बंपर गार्ड लगे वाहन से टकराने वाले को ज्यादा चोटें पहुंचती हैं। हादसा होने पर बंपर गार्ड से वाहन को भी ज्यादा नुकसान पहुंचता है। बताया कि बिना एआरटीओ की अनुमति के वाहन के ढांचे में बदलाव गैरकानूनी है।