खटीमा में रसोई गैस के लिए एजेंसी के बाहर कतारबद्ध उपभोक्ता।
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कुकिंग गैस की किल्लत से करीब चालीस हजार उपभोक्ता परेशान हैं। सुबह से देर शाम तक गैस के आने का इंतजार करने के बाद लोग अपने घरों को खाली हाथ लौट रहे हैं।
लगभग छह हजार 500 कनेक्शन धारकों को गैस उपलब्ध कराने वाली शिव इंडेन के प्रबंधक अंजू सिंह बताती हैं कि उन्हें 11 दिन में सात गाड़ियों के बजाय मात्र तीन गाड़ियां (288 गैस सिलेंडर) मिली हैं, जबकि 2700 सिलेंडर बैकलाग में चल रहे हैं।
लगभग 15 हजार कनेक्शन धारकों को कुकिंग गैस आपूर्ति करने वाले इंडेन गैस सर्विस के तीन हजार सिलेंडर बैकलाग में चल रहे हैं। इनमें 1800 सिलेंडर जुलाई के सम्मलित हैं। गैस एजेंसी को 11 अगस्त तक मात्रा 1170 सिलेंडर ही मिले हैं। इंडेन गैस एजेंसी प्रबंधक बीआर टम्टा बताते हैं कि उन्हें पांच हजार सिलेंडर एकमुश्त मिलने पर ही स्थिति सामान्य हो सकेगी। रसोई गैस की किल्लत से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस आंवटित केंद्रों पर रोजाना उपभोक्ताओं का हजूम लगता है। देर शाम बिना गैस के मायूस लौटते हैं।
इधर, भारत गैस एजेंसी प्रबंधक विनीत गुप्ता बताते हैं कि फिलहाल लगभग 17 हजार कनेक्शन धारकों को गैस की आपूर्ति सही हो रही है। कुकिंग गैस की चल रही किल्लत से निजात के लिए उपजिलाधिकारी विजयनाथ शुक्ल ने गैस वितरण एजेंसियों के रिकार्ड खंगाले हैं। फिलहाल सुचारू कुकिंग गैस की सप्लाई नहीं मिलने की वजह से उपभोक्ताओं को गैस के लिए मारामारी का सामना करना पड़ रहा है।