सितारगंज में तहसील का अस्तित्व ही खत्म होता जा रहा है। भवन जर्जर होने के बाद नए भवन का निर्माण नहीं हुआ तो तहसील को किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया और अब पिछले दो महीनों से तहसीलदार का पद ही खाली पड़ा है। नायब तहसीलदार के पद पर तो पिछले दो सालों से नियुक्ति ही नहीं हुई। इसके अलावा अन्य भी कई पद खाली हो गए हैं। इससे सारा दिन फरियादी तहसील के चक्कर काट-काटकर थक जाते हैं और उनका काम नहीं हो पाता।
अंग्रेजों के जमाने की बनी तहसील के जर्जर स्थिति में पहुंचने पर करीब छह महीने पहले तहसील के जर्जर भवन को खाली कर मंडी समिति के भवनों में शिफ्ट कर दिया गया। यहां स्थायी रूप से तहसीलदार की नियुक्ति भी गई। लेकिन नानकमत्ता उप तहसील बनने के बाद से यहां तहसील में नायब तहसीलदार का पद ही खाली पड़ा है। वर्तमान में पूरी तहसील सिर्फ नाजिर, राजस्व लेखाकार, रजिस्ट्रार कानूनगो, एक राजस्व निरीक्षक और 13 में से आठ पटवारी ही चला हैं। पिछले मार्च से तहसीलदार का पद खाली होने से तहसील संबंधी कार्य ठप हो गए हैं। खटीमा में कार्यरत प्रभारी तहसीलदार को ही यहां का चार्ज दे रखा है। वो भी कभी कभार तहसील आते हैं। ऐसे मेें फरियादियों को भारी परेशानी हो रही है। इस संबंध में एसडीएम मनीष बिष्ट ने जानकारी दी कि तहसील में खाली पदों से डीएम को अवगत कराया गया है। डीएम द्वारा ही यहां खाली पदों पर नियुक्ति की जाएगी। तहसील के सभी कामों को प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है।