रुद्रपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित 3150 वादों को निस्तारण किया गया जिससे लोगों को राहत मिली। वादों का निस्तारण आपसी समझौते से हुआ।
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की पीठ ने 57 वादों का निस्तारण किया। वहीं तृतीय सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में करीब 250 मामलों का निपटारा हुआ। विशेष धारा 138 एनआई एक्ट न्यायालय में 30 मामले निपटाए गए। इसी प्रकार सिविल जज जूनियर डिवीजन की पीठ ने 331 वाद, जबकि पंचम अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 333 मामलों का समाधान कराया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पीठ ने 616 वादों का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में 352 मामलों का निपटारा हुआ जबकि प्रथम अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की पीठ ने 276 वादों का निस्तारण किया। इसके अलावा बाहरी न्यायालयों में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया। जहां विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान कराया गया।
लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, मोटर दुर्घटना से जुड़े प्रकरण, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद व बैंक एवं बीमा संबंधी मामलों की सुनवाई की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ममता पंत ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को त्वरित व सुलभ न्याय उपलब्ध कराना और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना रहा। लोक अदालत के माध्यम से कम समय में विवादों का समाधान होने से लोगों का समय और धन दोनों की बचत होती है।
2025-26 के चालान माफ करवाने पहुंचे लोग
रुद्रपुर। लोक अदालत में सबसे ज्यादा लोग वर्ष 2025 और 2026 के चालान को भी माफ करवाने के लिए पहुंचे। जिनमें ज्यादातर बाइक के चालान थे। जिनका भी निस्तारण किया गया लेकिन देरी से आने के कारण कई लोगों के चालान माफ नहीं हो पाए।
प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान
रुद्रपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने बताया कि प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और विभिन्न बीमा कंपनियों के स्टॉल लगाए गए जहां लोगों ने ऋण और बीमा संबंधी विवादों का समाधान कराया। लोक अदालत से बैंकों ने तीन से चार हजार नोटिस ग्राहकों भेजे थे ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।